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अनिवार्य,, लोगो, फोटो, हरेला को राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस बनाने की हुई पहल
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हरेला उत्तराखंड की धरती से उपजा है, लेकिन संदेश वैश्विक है। ऐसे में इसे राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस घोषित किया जाना चाहिए। हरेला पर इसके लिए देश भर में हस्ताक्षर अभियान चलाने का संकल्प लिया गया। धाद की पहल पर आयोजन के मीडिया पार्टनर अमर उजाला के सहयोग से शनिवार को यह अभियान शुरू किया गया।
एक महीने तक चलने वाले हरेला घी संग्रांद कार्यक्रम का शनिवार को श्रीगुरु राम राय नेहरु ग्राम के प्रांगण में पौधरोपण के साथ शुभारंभ हुआ। हस्ताक्षर अभियान की घोषणा धाद के केंद्रीय अध्यक्ष लोकेश नवानी ने करते हुए कहा कि हरेला का अवसर वर्षा ऋतु चक्र का है। जब धरती पौधों को लगाने के लिए उर्वरक रहती है। पौधों के लगने और बचने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है, इसलिए पूरे देश में इस समय पौधे लगाने चाहिए। यह जरूरी है कि हरेला राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस बने, ताकि पूरे देश के लोग इस पर्व के साथ जुड़ सकें। हरेला घी संग्रांद का शुभारंभ श्रीगुरुराम राय नेहरु ग्राम के प्रांगण में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, कॉलेज की प्रधानाचार्य प्रतिभा पाठक, कोना कक्षा का कार्यक्रम के संयोजक गणेश उनियाल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
धाद द्वारा मुख्य अतिथियों का स्वागत पहाड़ी टोपी और हिमालयी पहाड़ी अनाज की फंची (पोटली) द्वारा किया गया। आयोजन का शुभारंभ कुमाऊंनी लोक परंपरा शगुनाखर के साथ हुआ। इस मौके पर विद्यालय के छात्रों ने नंदा राजजात की डोली और अन्य पर्वतीय नृत्य प्रस्तुत किए। धाद की लोक संस्कृति टीम शांति बिंजोला और रक्षा बौड़ाई ने बच्चों को थड़िया, चौंफला के नृत्य सिखाए। विधायक उमेश शर्मा काऊ ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताया। कॉलेज की प्रधानाचार्य प्रतिभा पाठक ने कहा कि विद्यालय हमेशा से पर्यावरण के संरक्षण में अग्रणी रहा है।
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ये रहे मौजूद
गुरुराम राय एजुकेशन मिशन उत्तराखंड के वरिष्ठ प्रसाशनिक अधिकारी चंद्रमोहन सिंह पयाल, धाद संस्था के अध्यक्ष लोकेश नवानी, सचिव तन्मय ममगाईं, नेहरू ग्राम के पार्षद नरेश रावत, एसजीआरआर के प्रधानाचार्य राकेश मोहन डबराल, उपराज्य परियोजना निदेशक अत्रेश सयाना, बीपी मैंदोली, शांति जिज्ञाशू, गणेश उनियाल, कुलदीप भंडारी, रक्षा बोडाई, शांति बिंजोला, कुसुम पंत, विमला रावत, सुधा बहुखंडी, नीरज रावत, रेनू नेगी रेनुजा, आशा डोभाल, कुसुम गुसाईं, शैली पांथरी, शुभम, विश्वास गुप्ता, सौरव अग्रवाल, प्रकाश बड़थ्वाल, गोविंद रावत, पद्मिनी, राजेन्द्र प्रसाद, रचना, सारिका आदि।
लोनिवि कर्मियों ने रोपे 125 फलदार पौधे -
लोनिवि के प्रमुख अभियंता अयाज अहमद ने सड़क किनारे पौधरोपण की अपील की। धाद की पहल पर हरेला घी संग्रांद आयोजन में लोनिवि के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रांगण में 125 फलदार पौधे रोपे। लोनिवि के मुख्य अभियंता चंद्रमोहन पांडेय, अधीक्षण अभियंता अनिरुद्ध भंडारी, अधिशासी अभियंता डीसी नौटियाल आदि मौजूद थे। उन्होंने धाद के हरेला को राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस घोषित करने के अभियान के पक्ष में हस्ताक्षर करके समर्थन जाहिर किया।
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एक महीने तक चलने वाले हरेला घी संग्रांद कार्यक्रम का शनिवार को श्रीगुरु राम राय नेहरु ग्राम के प्रांगण में पौधरोपण के साथ शुभारंभ हुआ। हस्ताक्षर अभियान की घोषणा धाद के केंद्रीय अध्यक्ष लोकेश नवानी ने करते हुए कहा कि हरेला का अवसर वर्षा ऋतु चक्र का है। जब धरती पौधों को लगाने के लिए उर्वरक रहती है। पौधों के लगने और बचने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है, इसलिए पूरे देश में इस समय पौधे लगाने चाहिए। यह जरूरी है कि हरेला राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस बने, ताकि पूरे देश के लोग इस पर्व के साथ जुड़ सकें। हरेला घी संग्रांद का शुभारंभ श्रीगुरुराम राय नेहरु ग्राम के प्रांगण में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, कॉलेज की प्रधानाचार्य प्रतिभा पाठक, कोना कक्षा का कार्यक्रम के संयोजक गणेश उनियाल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
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धाद द्वारा मुख्य अतिथियों का स्वागत पहाड़ी टोपी और हिमालयी पहाड़ी अनाज की फंची (पोटली) द्वारा किया गया। आयोजन का शुभारंभ कुमाऊंनी लोक परंपरा शगुनाखर के साथ हुआ। इस मौके पर विद्यालय के छात्रों ने नंदा राजजात की डोली और अन्य पर्वतीय नृत्य प्रस्तुत किए। धाद की लोक संस्कृति टीम शांति बिंजोला और रक्षा बौड़ाई ने बच्चों को थड़िया, चौंफला के नृत्य सिखाए। विधायक उमेश शर्मा काऊ ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताया। कॉलेज की प्रधानाचार्य प्रतिभा पाठक ने कहा कि विद्यालय हमेशा से पर्यावरण के संरक्षण में अग्रणी रहा है।
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ये रहे मौजूद
गुरुराम राय एजुकेशन मिशन उत्तराखंड के वरिष्ठ प्रसाशनिक अधिकारी चंद्रमोहन सिंह पयाल, धाद संस्था के अध्यक्ष लोकेश नवानी, सचिव तन्मय ममगाईं, नेहरू ग्राम के पार्षद नरेश रावत, एसजीआरआर के प्रधानाचार्य राकेश मोहन डबराल, उपराज्य परियोजना निदेशक अत्रेश सयाना, बीपी मैंदोली, शांति जिज्ञाशू, गणेश उनियाल, कुलदीप भंडारी, रक्षा बोडाई, शांति बिंजोला, कुसुम पंत, विमला रावत, सुधा बहुखंडी, नीरज रावत, रेनू नेगी रेनुजा, आशा डोभाल, कुसुम गुसाईं, शैली पांथरी, शुभम, विश्वास गुप्ता, सौरव अग्रवाल, प्रकाश बड़थ्वाल, गोविंद रावत, पद्मिनी, राजेन्द्र प्रसाद, रचना, सारिका आदि।
लोनिवि कर्मियों ने रोपे 125 फलदार पौधे -
लोनिवि के प्रमुख अभियंता अयाज अहमद ने सड़क किनारे पौधरोपण की अपील की। धाद की पहल पर हरेला घी संग्रांद आयोजन में लोनिवि के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रांगण में 125 फलदार पौधे रोपे। लोनिवि के मुख्य अभियंता चंद्रमोहन पांडेय, अधीक्षण अभियंता अनिरुद्ध भंडारी, अधिशासी अभियंता डीसी नौटियाल आदि मौजूद थे। उन्होंने धाद के हरेला को राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस घोषित करने के अभियान के पक्ष में हस्ताक्षर करके समर्थन जाहिर किया।