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उद्घाटन के ग्यारह माह बाद भी खेल प्रेमियों को नहीं मिल पा रहा इंडोर बैडमिंटन हॉल का लाभ
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देहरादून। प्रेमनगर दशहरा ग्राउंड के समीप 64 लाख की लागत से बने इंडोर बैडमिंटन हॉल फिलहाल शोपीस ही बना हुआ है। उद्घाटन के ग्यारह माह बाद भी अभी तक कैंट बोर्ड हॉल को पूरी तरह से बैडमिंटन प्रेमियों के उपयोग के लिए तैयार नहीं कर पाया है। फिलहाल, हॉल का ट्रायल चल रहा है न तो खेलने वालों के लिए फीस तय की गई है और न ही अन्य सुविधाएं।
दरअसल, खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रेमनगर क्षेत्र में विधायक निधि से दशहरा ग्राउंड के पास इंडोर बैडमिंटन हॉल का निर्माण किया गया है। इसका निर्माण 64 लाख की लागत से किया गया। जनवरी में निर्माण के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसका उद्घाटन किया था, लेकिन 11 माह बाद भी अभी तक इस हॉल का उपयोग नहीं हो पाया है। दरअसल, इसका संचालन कैंट बोर्ड को करना है। बजट की कमी के कारण कैंट बोर्ड इसको पीपीपी मोड में संचालित करना चाहता था। कैंट बोर्ड ने दो बार टेंडर भी आमंत्रित किए, लेकिन कोई संचालनकर्ता नहीं मिला। बाद में कैंट बोर्ड ने खुद ही संचालन निर्णय लिया, लेकिन कोरोना प्रकोप के कारण ताले लटके रहे। एक हफ्ते पहले हॉल के ताले तो खोल दिए गए हैं, लेकिन अभी तक उपयोग में नहीं लाया गया है। बोर्ड अभी तक फीस तय नहीं कर पाया है। फिलहाल कुछ लोग ट्रायल के लिए यहां आते हैं। जिससे हॉल में नियमित तौर पर बैडमिंटन की प्रेक्टिस करने वाले युुवाओं और लोग निराश हैं। सीईओ तनु जैन ने कहा कि जल्द ही इस संबंध में बैठक कर फीस आदि तय कर इसका नियमित रूप से संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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दरअसल, खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रेमनगर क्षेत्र में विधायक निधि से दशहरा ग्राउंड के पास इंडोर बैडमिंटन हॉल का निर्माण किया गया है। इसका निर्माण 64 लाख की लागत से किया गया। जनवरी में निर्माण के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसका उद्घाटन किया था, लेकिन 11 माह बाद भी अभी तक इस हॉल का उपयोग नहीं हो पाया है। दरअसल, इसका संचालन कैंट बोर्ड को करना है। बजट की कमी के कारण कैंट बोर्ड इसको पीपीपी मोड में संचालित करना चाहता था। कैंट बोर्ड ने दो बार टेंडर भी आमंत्रित किए, लेकिन कोई संचालनकर्ता नहीं मिला। बाद में कैंट बोर्ड ने खुद ही संचालन निर्णय लिया, लेकिन कोरोना प्रकोप के कारण ताले लटके रहे। एक हफ्ते पहले हॉल के ताले तो खोल दिए गए हैं, लेकिन अभी तक उपयोग में नहीं लाया गया है। बोर्ड अभी तक फीस तय नहीं कर पाया है। फिलहाल कुछ लोग ट्रायल के लिए यहां आते हैं। जिससे हॉल में नियमित तौर पर बैडमिंटन की प्रेक्टिस करने वाले युुवाओं और लोग निराश हैं। सीईओ तनु जैन ने कहा कि जल्द ही इस संबंध में बैठक कर फीस आदि तय कर इसका नियमित रूप से संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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