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अपना दुर्ग अभेद करने को इंदिरा हृदयेश की सटीक चाल

Thu, 11 Aug 2016 09:06 AM IST
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 11 Aug 2016 09:06 AM IST
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indira hridayesh political trick
Indira Hridayesh - फोटो : ani

अब्दुल मतीन सिद्दीकी के कांग्रेस में शामिल होने के तमाम मायने निकाले जा रहे हैं, मगर राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह इंदिरा हृदयेश की ओर से अपने दुर्ग को सुरक्षित करने के लिए चला गया बड़ा दांव है।

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बीते चुनावों में कांग्रेस के मुस्लिम वोट बैंक में सेंधमारी करके मतीन इंदिरा के लिए एक बड़ा चैलेंज बने हुए थे। बेहद सोची-समझी रणनीति के तहत उन्हें कांग्रेस में शामिल करवाकर इंदिरा ने चुनाव के ठीक पहले अपना मास्टर स्ट्रोक जड़ा है।
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वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में हल्द्वानी सीट से इंदिरा की हार के पीछे मुस्लिम वोटों का मतीन के पक्ष में ध्रुवीकरण अहम कारण था। जानकारों की मानें तो इस क्षेत्र में मुस्लिम वोटरों की संख्या लगभग 30 हजार के आसपास है। वैसे तो यह कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक है।
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मगर अब्दुल मतीन की सक्रियता के चलते इसमें से लगभग 80-90 फीसदी वोट बैंक पर उनका कब्जा रहता है। वर्ष 2007 में कुछ इसी गणित के चलते इंदिरा को भाजपा के बंशीधर से हार का स्वाद चखना पड़ा था। उधर, इंदिरा के रणनीतिकारों की मानें तो बढ़ती उम्र के चलते इंदिरा की सक्रियता क्षेत्र में अब पहले की तरह नहीं रहती है।

यह भी कहा जा रहा है कि वे अपने राजनीतिक करियर की आखिरी पारी इस चुनाव में खेलेंगी। वहीं इंदिरा का मंथन इस बात पर भी चल रहा है कि कांग्रेस दोबारा सरकार बनाने की स्थिति में आती है, तो मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी दावेदारी तभी सटीक होगी, जब वे चुनाव जीतकर आएं।

ये सभी गुणा-गणित को देखते हुए इंदिरा इस बार किसी भी कीमत पर चुनाव हारने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में चुनाव के ठीक पहले मतीन को कांग्रेस में लाकर उन्होंने अपनी जीत की इबारत लिखने की कोशिश की है। मतीन के बाद क्षेत्र में कोई मुस्लिम चेहरा ऐसा नहीं माना जाता है, जो इस कदर मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण अपने पक्ष में कर सके।


यह है पुराना गणित
वर्ष 2002: कांग्रेस की इंदिरा हृदयेश  को 23327 वोट मिले, भाजपा के बंशीधर को 20269 वोट मिले और सपा के मतीन को 9563 वोट मिले।
वर्ष 2007: भाजपा के बंशीधर भगत को 39248 वोट मिले, कांग्रेस की इंदिरा हृदयेश  को 35013 वोट मिले, जबकि एसपी के अब्दुल मतीन सिद्दीकी को 18967 वोट मिले।
वर्ष 2012: कांग्रेस की इंदिरा हृदयेश को 42627 वोट मिले, भाजपा रेनू अधिकारी को 19044 वोट और अब्दुल मतीन को 13453 वोट मिले।

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