फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Indian youth wants help from foreign department to out Philippines jail

पांच साल से फिलीपींस की जेल में बंद है भारत का बेटा, सदमे में आए पिता, मां लगा रही मदद की गुहार

Mon, 31 Jul 2017 05:21 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 31 Jul 2017 05:21 PM IST
विज्ञापन
Indian youth wants help from foreign department to out Philippines jail
missing

सुषमा जी, मेरी मदद करो। मेरे बच्चे को बचा लो। वह पायलट बनने फिलीपींस गया था, लेकिन किसी मामले में फंसकर पांच साल से वहां की जेल में बंद है। दो साल से उसका कुछ पता नहीं है। यूपी के फतेहपुर की रहने वाली मां मनोरमा सिंह का यह कहते हुए गला भर आया।

विज्ञापन


सरकार से पांच साल से गुहार लगा रही इस मां की अभी तक किसी ने नहीं सुनी है। बेटे की वापसी के लिए वह दर-दर भटक रही हैं। दून में भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज या भाजपा के बड़े नेताओं से मिलने की आस में आईं, लेकिन निराश लौट गईं।
विज्ञापन


करीब सात वर्ष पहले मृगेंद्र फिलीपींस में पायलट बनने गया था। वहां से 11 अप्रैल 2012 को पुलिस का एक पत्र परिजनों के पास पहुंचा। इसमें पूरी जानकारी दी गई थी कि किस तरह मृगेंद्र जेल में बंद है। पत्र पढ़कर परिवार में कोहराम मच गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

मानसिक बीमार हो गए प‌िता

Indian youth wants help from foreign department to out Philippines jail

पिता अर्जुन सिंह को तो इतना सदमा लगा कि वह मानसिक बीमार हो गए। मां अब दर-दर भटक रही है। जवान बेटा अनजान देश की जेल में बंद है। उसने 17 अप्रैल को माता-पिता के नाम एक पत्र लिखा था, जिसमें कहा था कि वह गलत तरीके से फंस गया है।

वह निर्दोष है। अगर कोई मदद करेगा तो वह जेल से छूट जाएगा। मां ने भारतीय उच्चायोग से संपर्क किया, लेकिन कोई हल नहीं निकला। मां से रहा नहीं गया तो करीब तीन वर्ष पूर्व पहुंच गईं फिलीपींस। 

बेटे से मिलीं तो जरूर, लेकिन उसे जेल से निकाल नहीं पाईं। मनोरमा सिंह ने बताया कि दो साल से उनके बेटे का कुछ अता-पता नहीं है। वह कई बार विदेश मंत्रालय से मदद मांग चुकी हैं। मृगेंद्र की मां का कहना है कि सरकार तो साथ नहीं दे रही, शायद भगवान ही कुछ मदद कर दें।

लिहाजा हरिद्वार में मां गंगा की शरण में आईं थी। वहां किसी ने बताया कि देहरादून में भाजपा के बड़े-बड़े नेता एकत्र हो रहे हैं। इस आस में देहरादून चली आईं कि हो सकता है विदेश मंत्री सुषमा स्वराज या भाजपा का कोई बड़ा नेता मिल जाए, जो मदद करे, लेकिन यहां भी निराशा हाथ लगी। भटकते-भटकते उनकी मुलाकात अमर उजाला रिपोर्टर से हुई। उनकी मांग है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इतने लोगों की मदद करती हैं तो मेरे बेटे की भी मदद करें।

 

कौन है मृगेंद्र

Indian youth wants help from foreign department to out Philippines jail

मृगेंद्र पायलट बनने का खास सपना रखने वाला होनहार युवा है। उसने 10वीं, 12वीं करने के बाद बीकॉम किया। 12वीं के बाद दो बार एनडीए का एग्जाम क्वालिफाई किया, लेकिन एसएसबी में बाहर हो गया। मृगेंद्र को पायलट बनने का बचपन से ही क्रेज था। एनसीसी एयर विंग सी सर्टिफिकेट धारक मृगेंद्र ने ऑल इंडिया वायु सैनिक कैंप में 2003 में बंगलूरू में यूपी का प्रतिनिधित्व किया।

इसके अलावा ऑल इंडिया वायु सैनिक कैंप में माइक्रोलाइट पायलट के तौर पर उसका चयन हुआ। दो साल का फ्लाइट एंड ऑपरेटिंग अनुभव भी है। मृगेंद्र ने कंट्रोल लाइन एयरोबेटिक्स, आरसी पावर और आरसी ग्लाइडर में तीन गोल्ड मेडल जीते। 2005 में गणतंत्र दिवस परेड में भी हिस्सा लिया था। जब इंडिया में पायलट नहीं बन पाया तो अपना ख्वाब पूरा करने वह फिलीपींस गया था।

मदद का लैटर देखने के ल‌िए ल‌िंक पर क्ल‌िक करें...
http://spiderimg.amarujala.com/assets/images/2017/07/30/vfdfdf_597e202b36878.jpg

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed