Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat ›   India Nepal Border News: Two police outposts Will Setup on Nepal Border Area Near Uttarakhand

भारत-नेपाल सीमा: निगरानी के लिए अब नेपाल सीमा पर बढ़ाया जाएगा सुरक्षा चक्र, बनेंगी दो नई पुलिस चौकियां 

चंद्रशेखर जोशी, अमर उजाला, चंपावत Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 04 Jun 2021 02:00 AM IST

सार

उत्तराखंड से लगी नेपाल सीमा पर एसएसबी के साथ अब सीमांत इलाकों में पुलिस का सुरक्षा चक्र भी बढ़ेगा। नेपाल सीमा पर जल्द दो पुलिस चौकिंयां बनने जा रही हैं।
नेपाल सीमा पर तैनात जवान
नेपाल सीमा पर तैनात जवान - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

उत्तराखंड से लगी नेपाल सीमा पर निगरानी का जिम्मा मुख्य रूप से एसएसबी के कंधों पर है। एसएसबी बॉर्डर आउटपोस्ट के जरिये सीमा पर निगरानी रखती है, लेकिन अब सीमांत के इलाकों पर पुलिस का सुरक्षा चक्र भी बढ़ेगा। इसके लिए सीमा से लगे गांवों में पुलिस की दो चौकियां बनाई जाएंगी। जमीन की तलाश का काम भी पूरा कर लिया गया है। 

विज्ञापन


चंपावत जिले के आठ थानों में से चार (बनबसा, टनकपुर, तामली और पंचेश्वर) नेपाल सीमा के एकदम करीब हैं। नेपाल सीमा के पास से बन रही टनकपुर-जौलजीबी सड़क और प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के मद्देनजर ये चौकियां ग्रामीण सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं। सड़क का निर्माण चूका तक हो चुका है।


यहां के तमाम गांवों की सुरक्षा और नेपाल की गैरकानूनी गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए चूका और पंचेश्वर घाट पर पुलिस चौकियां का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। टनकपुर के सीओ अविनाश वर्मा और एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने चूका की जमीन का मुआयना कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी है। 

तस्करी पर भी लग सकेगी लगाम 

चंपावत जिले की 90 किलोमीटर सीमा नेपाल से लगी है। दोनों देशों को काली नदी विभाजित करती है। कई जगह नदी की चौड़ाई बेहद कम है। इससे न केवल नदी को आरपार करना आसान रहता है, बल्कि वन्य जंतु और चरस की तस्करी के अलावा कई अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के भी मामले आते रहे हैं। ऐसे में 90 किमी सीमा पर एसएसबी की 19 बीओपी के साथ पुलिस की चौकियों से सुरक्षा घेरा मजबूत होगा। 

नेपाल सीमा पर अब तक ये हैं पुलिस चौकी 
बनबसा बैराज, मनिहारगोठ, बूम और ठुलीगाड़। 

नेपाल सीमा पर प्रस्तावित दोनों पुलिस चौकियों के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। प्रस्ताव राज्य पुलिस मुख्यालय भेजा गया है, जहां से शासन भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद चौकी निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इन चौकियों से गांवों की सुरक्षा और यातायात आवाजाही को व्यवस्थित किया जा सकेगा।
-लोकेश्वर सिंह, एसपी, चंपावत।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00