देश का पहला जैव ईंधन से चलने वाला विमान सफलतापूर्वक दिल्ली पहुंच गया। देहरादून स्थित भारतीय पेट्रोलियम संस्थान(आईआईपी) के वैज्ञानिकों ने इस विमान के लिए जैव ईंधन तैयार किया था। विमान के दिल्ली रवाना करने से पहले दस मिनट तक आसमान में इसका ट्रायल लिया गया। ट्रायल सफल होने के बाद स्पाइस जेट कंपनी का विमान 12 लोगों को लेकर दून से सीधे दिल्ली रवाना हो गया।
सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्या ने स्पाइस जेट के विमान को झंडी दिखाकर रवाना किया। 72 सीटर इस विमान में पहले दिन 12 यात्रियों ने जैव ईंधन की उड़ान का आनंद लिया। जैव ईंधन से स्पाइसजेट के विमान के सफलतापूर्वक उड़ान भरने के बाद जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सोमवार का दिन स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो गया।
आईआईपी के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए जैर्व इंधन से स्पाइसजेट के विमान को उड़ाया गया। एयरपोर्ट अथॉरिटी और विमानन कंपनी स्पाइस जेट के अधिकारी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। मुख्यमंत्री द्वारा झंड़ी दिखाने के बाद जैसे ही विमान का इंजन स्टार्ट हुआ लोग खुशी से तालियां बजाकर स्वागत किया। रनवे पर दौड़ने के बाद स्पाइसजेट का विमान पहले देहरादून में करीब दस मिनट तक उड़ा। इसके बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एयरपोर्ट अधिकारियों और विमानन कंपनी के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जैव ईधन से पर्यावरण प्रदूषण कम होने के अलावा लोगों को सस्ती हवाईसेवा मिलने के रास्ते खुल जाएग। एयरपोर्ट निदेशक विनोद शर्मा ने बताया कि जैव ईधन से स्पाइस जेट के विमान ने निर्धारित समय पर दिल्ली के लिए उड़ान ली। दिल्ली में समय पर पहुंचकर सफलता पूर्वक लैडिंग की। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से 12 लोग विमान से दिल्ली के लिए गए। इस मौके पर स्पाइस जेट के जीपी गुप्ता, कैप्टन सतीश चंद्र पांडेय सहित आईआईपी के वैज्ञानिक मौजूद रहे।
आईआईपी के वैज्ञानिकों ने विमान के लिए जैव ईंधन जैट्रोफा के तेल एवं हाइड्रोजन के मिश्रण से बनाया है। इसके लिए आईआईपी में प्लांट लगाया गया है। संस्थान में बायोजेट फ्यूल तैयार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ से बायोफ्यूल डेवलपमेंट अथॉरिटी के जरिये जैट्रोफा का बीज खरीदा गया है। अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में कमर्शियल विमान पहले से ही जैव ईंधन से उड़ान भर चुके हैं।