आपदा व इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवा में ड्रोन तकनीक महत्वपूर्ण: सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत
- कहा, नई तकनीकों का इस्तेमाल कर युवा निभाएं अहम भूमिका
- आईटी पार्क में दो दिवसीय इंडिया ड्रोन फेस्टिवल का शुभारंभ
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवा और प्राकृतिक आपदा की स्थिति में ड्रोन तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इस तकनीक से कम समय में दुर्गम स्थानों तक सेवाओं को पहुंचा सकते हैं।
बुधवार को मुख्यमंत्री ने आईटी पार्क स्थित सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) में दो दिवसीय इंडिया ड्रोन फेस्टिवल का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ) और उत्तराखंड ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च सेंटर के सहयोग से दूसरी बार ड्रोन फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है। जिसमें 27 राज्याें से प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड समेत अन्य पर्वतीय राज्यों में ड्रोन की उपयोगिता बढ़ी है। ड्रोन तकनीक से युवाओं को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होेंगे। इस तरह के कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी जरूरी है। देहरादून में देश के पहले ड्रोन एप्लीकेशन प्रशिक्षण केंद्र एवं अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना की गई है। नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर युवा अपने देश व प्रदेश की प्रगति में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने रिमोट से उड़ाया ड्रोन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के मेरी सरकार (माई जीओवी) पोर्टल और जियोग्राफिकल इंफॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित ड्रोन मैपर सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया। पोर्टल के माध्यम से आम लोग विकास योजनाओं में अपनी सहभागिता के लिए सरकार को सुझाव दे सकते हैं। वहीं, ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर के माध्यम से तैयार सॉफ्टवेयर से फोटो खींचने करने, 3 डी मॉडल बनाने व डाटा विश्लेषण किया जाएगा।
सचिव आईडी आरके सुंधाशु ने कहा कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां पर ड्रोन तकनीक काफी कारगर साबित हो सकती है। प्रदेश को ड्रोन तकनीक से जोड़ने के लिए आईटीडीए हरसंभव प्रयास कर रहा है।
फेस्टिवल के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रिमोट से ड्रोन उड़ाया। उन्होंने काउंटर ड्रोन का प्रदर्शन किया। जिसमें दुश्मन के ड्रोन काउंटर को दिखाया गया। वहीं, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में एक स्थान से दूसरे स्थान तक ड्रोन के माध्यम से रेस्क्यू के लिए रस्सी को जोड़ने का प्रदर्शन किया गया।
ड्रोन से कर सकते हैं खेतों में बिजाई व कीटनाशक का छिड़काव
डीजीसीए के निदेशक हिलोल विश्वास और साउथ अफ्रीका ड्रोन कंपनी की सीईओ लुसियनो जर्डिम ने ड्रोन तकनीकी के बारे में जानकारी दी। उनका कहना है कि तकनीक युग में ड्रोन से कई फायदे लिए जा सकते हैं। ड्रोन एक भार वाहक विमान है। जिसके माध्यम से खेतों में बिजाई, और कीटनाशक का छिड़काव भी कर सकते हैं। आपदा के दौरान भी मेडिसन किट ड्रोन के माध्यम से पहुंचाई जा सकती है।
मेरी सरकार पोर्टल का भी हुआ शुभारंभ
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के मेरी सरकार पोर्टल (www.uttarakhand.mygov.in) का भी शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से कोई भी व्यक्ति सीधे सरकार से संपर्क कर किसी भी विषय में अपने सुझाव दे सकता है।
मुख्यमंत्री ने जीआईएस बेस्ड ड्रोन मैपर सॉफ्टवेयर 'DARC MAPPER' का भी विमोचन किया। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर के माध्यम से तैयार इस सॉफ्टवेयर का उपयोग फोटो को कैप्चर करने, 3डी मॉडल बनाने और डाटा विश्लेषण करने में किया जा सकेगा।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
नगर निगम मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक गणेश जोशी, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, सर्वेयर जनरल ऑफ इंडिया लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कुमार, सचिव आईटी आरके सुधांशु, सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार रविंद्र दत्त, अपर सचिव विजय कुमार यादव, निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा, नेशनल टेक्निकल रिसर्च संगठन के अपर सचिव प्रदीप कपूर, वित्त नियंत्रक मनीष कुमार उप्रेती आदि मौजूद थे।