चीन के बैकफुट पर आने के बाद भी सीमा पर भारतीय सेना सतर्क, बीओपी में जवानों के लिए बनेंगे हट्स
- अग्रिम पोस्ट ढाकर में हट्स बनाने के लिए इंजीनियर रेजीमेंट के जवान पहुंचे
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लद्दाख की गलवां घाटी में भारत की चौतरफा घेराबंदी के बाद चीन भले ही बैकफुट पर आ गया हो, लेकिन भारतीय सेना सीमा पर किसी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ से लगी चीन सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के मकसद से बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) पर जवानों के लिए हट्स बनाए जाएंगे।
इसके लिए भारतीय सेना के इंजीनियर रेजीमेंट के 125 जवान चीन सीमा के निकट स्थित दारमा घाटी के ढाकर पोस्ट पहुंच गए हैं। धारचूला की व्यास और दारमा घाटी की सीमाएं चीन से लगी हुई है।
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दोनों क्षेत्रों में सीमा पर सेना और आईटीबीपी 24 घंटे अलर्ट है। लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सैनिकों से हुई झड़प और लिपुलेख में झंडे दिखाकर चेतावनी देने की घटना के बाद से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पिथौरागढ़ जिले की चीन से लगी सीमाओं पर सुरक्षा और कड़ी कर दी है।
व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने में जुटी सेना
भारतीय सेना लद्दाख में अपने 20 जवानों की शहादत को नहीं भूली है और चीन की चाल को भी भलीभांति समझती है। यही वजह है कि सेना इस मोर्चे पर भी अतिरिक्त सतर्कता बरते हुए भविष्य में चीन की किसी भी तरह की चालबाजी का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद करने में जुटी हुई है।
व्यास घाटी में स्थित लिपुलेख तक अर्द्ध सैनिक बलों के साथ ही सेना के जवानों की तादात भी बढ़ा दी गई है। अब सेना दारमा घाटी की अग्रिम चौकियों में जवानों के लिए हट्स बनाने जा रही है। इसके लिए सामान पहुंचाया जा रहा है। सीमा पर सेना और आईटीबीपी के जवान चौबीस घंटे गश्त कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार लिपुलेख सीमा पर पूरी शांति बनी हुई है।