बाड़ाहोती से भी भारत में कई बार घुसपैठ की कोशिश कर चुके चीनी सैनिक, सेना ने खदेड़कर किया था बाहर
लद्दाख के गलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से ही भारतीय सेना सभी बॉर्डर एरिया पर विशेष चौकसी बरत रही है। उत्तराखंड के चमोली जिल से लगे चीन सीमा क्षेत्र में अभी तक हालांकि सबकुछ ठीक-ठाक है। लेकिन इस क्षेत्र से लगे बाड़ाहोती के जरिए ड्रैगन पहले कई बार भारत में प्रवेश की कोशिश कर चुका है। कई बार तो भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को खदेड़ा भी था।
इसके चलते यहां सेना और आईटीबीपी ने निगरानी बढ़ा दी है। लद्दाख में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में सेना के जवान दो सप्ताह पूर्व ही बॉर्डर एरिया में पहुंच गए थे। मंगलवार रात को कुछ सेना के वाहन सीमा क्षेत्र मलारी से जोशीमठ की ओर जाते दिखाई दिए।
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क्षेत्र में सेना की आवाजाही भी सामान्य है। जिससे अंदाज लगाया जा सकता है कि सीमा पर अभी सब कुछ ठीक ठाक है। एसडीएम जोशीमठ अनिल चन्याल ने बताया कि बॉर्डर क्षेत्र में सब सामान्य है।
बाड़ाहोती में कब-कब हुई चीन की घुसपैठ
- साल 2014 : सीमा क्षेत्र में अंतिम चौकी रिमखिम के पास चीनी हेलीकॉप्टर देर रात तक आसमान में मंडराता रहा।
- साल 2015 : चीनी सैनिकों की ओर से भारतीय सीमा में घुसकर भारतीय चरवाहों के खाद्यान्न को नष्ट कर दिया गया था।
- साल 2016 : सीमा क्षेत्र के निरीक्षण के लिए गई चमोली जिला प्रशासन की टीम का चीनी सैनिकों से सामना हुआ।
- 3 जून 2017 : सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती में दो चीनी हेलीकॉप्टर करीब तीन मिनट तक आसमान में मंडराते रहे।
- 25 जुलाई 2017 : सीमा क्षेत्र में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के करीब 200 जवान भारत की सीमा में करीब एक किलोमीटर अंदर तक घुस आए थे।
- 10 मार्च 2018 : बाड़ाहोती में चीनी सेना के तीन हेलीकॉप्टर भारत की सीमा पर करीब चार किलोमीटर अंदर घुस आए।
- जुलाई 2018 : चीनी सैनिक होतीगाड़ को पार कर भारतीय सीमा में घुस आए थे, तब सेना ने उन्हें खदेड़ दिया था।