भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने चीन-नेपाल सीमा पर फिर भरी उड़ान, रखी जा रही कड़ी नजर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत-चीन सीमा पर चल रहे तनाव के बीच भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह चौकन्नी हैं। वायु सेना के जेट फाइटर ने शुक्रवार को भी सीमा के निकट उड़ान भरी। चीन और नेपाल के तेवर इस समय बदले हुए हैं।
जहां एक ओर चीन भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नेपाल ने एक कदम आगे बढ़ते हुए भारतीय क्षेत्र कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को अपने नक्शे में शामिल कर लिया है।
चीन भारतीय सीमा में लिपुलेख से लेकर लद्दाख तक अपनी सैन्य ताकत लगातार बढ़ा रहा है। हाल ही में चीन ने लिपुलेख के पास एक हजार सैनिक तैनात किए हैं। मानसरोवर में मिसाइल बेस बनाने का पता भी चला है।
यह भी पढ़ें: सीमा पर तनातनी के बीच पांच हजार मीट्रिक टन उर्वरक चीन से आयात करेगा नेपाल
चीन जिस तरह से भारत के पास हरकतें कर रहा है उसके बाद से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। अग्रिम चौकियों पर तैनात सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवान लिपुलेख से मिलम तक लगातार गश्त कर रहे हैं। हवा से भी सीमा की निगरानी की जा रही है।
सीमा के निकट तक उड़ान भरी
इसके लिए भारतीय जेट फाइटर लगातार सीमा के पास उड़ान भरकर जायजा ले रहे हैं। शुक्रवार को भी जेट फाइटर ने सीमा के निकट तक उड़ान भरी। इधर, नेपाल की ओर से जिस तरह की भारत विरोधी हरकतें इस समय की जा रही हैं, उसे देखते हुए नेपाल सीमा पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। जवान काली नदी किनारे धारचूला से कालापानी तक लगातार गश्त कर रहे हैं।
रात को उड़ रहे हेलीकॉप्टर बने कौतूहल
जिला मुख्यालय में पिछले तीन-चार दिनों से रात के समय उड़ रहे हेलीकॉप्टर इन दिनों लोगों के लिए कौतूहल का विषय बने हैं। बताया जा रहा है कि इन हेलीकॉप्टरों से सीमावर्ती पोस्टों के लिए राशन पहुंचाया जा रहा है।