फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Nepal will import five thousand metric tons of fertilizer from China

सीमा पर तनातनी के बीच पांच हजार मीट्रिक टन उर्वरक चीन से आयात करेगा नेपाल

Wed, 23 Sep 2020 11:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो राजेश पंगरिया, अमर उजाला, पिथौरागढ़
राजेश पंगरिया, अमर उजाला, पिथौरागढ़ Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Wed, 23 Sep 2020 11:46 PM IST
विज्ञापन
Nepal will import five thousand metric tons of fertilizer from China
- फोटो : फाइल फोटो

नेपाल को कई तरह की मदद देकर चीन उसे पूरी तरह प्रभावित कर रहा है। वह हर जगह से भारत विरोधी माहौल को तैयार करने में लगा हुआ है। नेपाल भी ड्रैगन के चंगुल में फंसता जा रहा है। ताजा मामले में चीन ने नेपाल को अपने बंदरगाहों और भूमि मार्गों का प्रयोग करने की अनुमति दे दी है। जल्द नेपाल पांच हजार मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक चीन से लाने जा रहा है। 

विज्ञापन


लॉकडाउन के समय भारतीय सीमाएं सील होने का फायदा चीन नेपाल को पहुंचा रहा है। इस बहाने उसने नेपाल के कई हिस्सों पर कब्जा भी कर लिया है। नेपाल में सड़कों और हवाई सेवाओं के क्षेत्र में आधारभूत संरचना का विकास कर रहा है।
विज्ञापन


नेपाल लिपुलेख सड़क निर्माण के बहाने भारत से संबंध खराब कर चीन से हित साधनों में लगा है। बताया जा रहा है कि अब चीन ने नेपाल को अपने बंदरगाहों का उपयोग करने की अनुमति दे दी है। पहली बार नेपाल चीनी बंदरगाहों से खाद आयात कर रहा है। नेपाल ने जमीन के रास्ते टटोपानी और केरुंग बॉर्डर क्राॅसिंग से खाद का आयात शुरू कर दिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कृषि सामग्री लिमिटेड कंपनी के प्रबंध निदेशक नेत्र बहादुर भंडारी ने बताया नेपाल में खेती के लिए भारी मात्रा में डीएपी रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता होती हैं। पहले नेपाल उर्वरक निजी कंपनियों के माध्यम से भारत से आयात करता था। इस बार खाद को पहली बार चीन से मंगाया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed