फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Increased patrolling in the area for the safety of guest birds

चिड़ियों की सुरक्षा को गश्त बढ़ाने व ग्रामीणों को जागरूक बनाने के दिए निर्देश

Wed, 16 Nov 2022 11:59 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 16 Nov 2022 11:59 PM IST
विज्ञापन
Increased patrolling in the area for the safety of guest birds
प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन ने साइबेरिया सहित अन्य स्थानों से आए पक्षियों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। आसन बैराज झील के आसपास कूड़ा-करकट देखकर चिंता जताई और वन विभाग को विशेष सफाई रखने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

प्रमुख वन संरक्षक व वानिकी प्रशिक्षण एवं कौशल विकास व वन प्रबंधन अनुसंधान के महानिदेशक डॉ. धनंजय मोहन ने आसन बैराज का निरीक्षण किया। झील में प्रवास कर रहे प्रवासी पक्षियों का प्रमुख वन संरक्षक ने जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने झील के किनारों पर पर्यटकों के माध्यम से फैलाए गए कूड़े पर चिंता जताई। कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण ऐसे स्थानों पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने पक्षियों की सुरक्षा के लिए वन विभाग के माध्यम से किए इंतजामों की विस्तार से जानकारी ली। वन विभाग को क्षेत्र में गश्त बढ़ाने व आसपास के ग्रामीणों को पक्षियों के संबंध में जागरूक बनाने के भी निर्देश दिए।
विज्ञापन

इसके पहले उन्होंने रामपुर मंडी स्थित वन आरक्षी प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। केंद्र पर मौजूद सुविधाओं व समस्याओं के बारे में प्रशिक्षुओं से जानकारी ली। प्रमुख वन संरक्षक ने केंद्र पर जरूरी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। निरीक्षण के दौरान चकराता वन प्रभाग की डीएफओ कल्याणी, वन दरोगा व पक्षी विशेषज्ञ प्रदीप सक्सैना, अनिल रावत, राहुल चौहान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

41 प्रजातियों के तीन हजार से अधिक पक्षी पहुंचे
आसन बैराज की झील में रंग-बिरंगे पक्षियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अभी तक झील में 41 प्रजातियों के तीन हजार से अधिक पक्षी पहुंच चुके हैं। पक्षी विशेषज्ञों का मानना है कि अभी कई अन्य प्रजातियों के पक्षी झील में अपना आशियाना बनाने के लिए पहुंचेंगे।

आसन बैराज की झील में हर साल सर्दी के मौसम में अत्यधिक ठंडे देशों व उच्च हिमालयी क्षेत्रों से भारी संख्या में पक्षी प्रवास के लिए पहुंचते हैं। पक्षियों की आमद का यह सिलसिला अक्तूबर के आखिरी व नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू हो जाता है। झील में कुल मिलाकर 45 से 50 प्रजातियों के पांच से छह हजार के बीच पक्षी पहुंचते हैं। कभी-कभी इनकी संख्या सात हजार को भी पार कर जाती है। पक्षी विशेषज्ञ प्रदीप सक्सैना का कहना है कि जिस प्रकार से पक्षियों की आमद हो रही है, उससे उम्मीद है कि जल्दी ही कई अन्य प्रजातियों के पक्षी झील में अटखेलियां करते नजर आएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed