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द्वितीय विश्व युद्ध पेंशन धारकों की बढ़ गई पेंशन
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 02 Mar 2016 09:16 PM IST
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सरकार ने द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों और शहीद सैनिकों की विधवाओं की पेंशन में वृद्धि कर दी है। राज्य सरकार ने हजार रुपये पेंशन बढ़ाकर चार हजार मासिक कर दी है।
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अब तक प्रतिमाह तीन हजार रुपये पेंशन दी जा रही थी। राज्य सरकार द्वितीय विश्वयुद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों और आश्रितों के 1 सितंबर 2010 से भरण पोषण के लिए पेंशन दे रही है। सरकार के इस निर्णय से 1678 पेंशन धारकों को लाभ मिलेगा।
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द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों की पेंशन 6 वर्ष बाद बढ़ाई गई है। लंबे समय से द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों की पेंशन राशि बढ़ाए जाने का प्रस्ताव विचाराधीन था, जिसपर आखिर मुहर लग गई है।
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सैनिक कल्याण विभाग की ओर से जारी शासनादेश के तहत हुई वृद्धि फरवरी 2016 से प्रभावी होगी। आदेशों के तहत पूर्व सैनिक या शहीद सैनिक विधवा को हर तीन माह बाद संबंधित पंचायत ग्राम प्रधान से जीवित होने का प्रमाण-पत्र विभाग को देना होगा।
हर 6 माह में एक बार जिला सैनिक कल्याण अधिकारी लाभार्थी के जीवित होने का उसके आवास पर जाकर भौतिक सत्यापन करेगा।
इतने लाभार्थी हैं प्रदेश में
द्वितीय विश्वयुद्ध के पूर्वसैनिक - 85
शहीद सैनिक विधवाएं - 1593
अलंकृत सैनिकों की जल्द होगी बढ़ोतरी
उल्लेखनीय सेवाओं वाले अलंकृत सैनिकों का वार्षिक अनुदान में वृद्धि के आदेश जल्द जारी होंगे। अब तक अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम), परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम), विशिष्ट सेवा पदक (वीएसएम) के लिए 500, 700 और 300 रुपये वार्षिक मिलता है।
इसमें कई गुणा वृद्धि किए जाने के लिए सैनिक कल्याण मंत्री का अनुमोदन मिल चुका है, लेकिन प्रस्ताव पर वित्तीय सहमति नहीं मिली है।
वीएसएम का 10 हजार रुपये, एवीएसएम को 15 हजार और पीवीएसएम को 25 हजार किया जाना प्रस्तावित है। जबकि सेना पदक उल्लेखनीय सेवाओं को भी वार्षिक सम्मान राशि दी जानी है।