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चार साल में नहीं डाल सके चार सौ मीटर लाइन
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 22 Apr 2016 12:01 AM IST
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पानी की बर्बादी।
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देहरादून के यमुना कॉलोनी में तीन साल के संघर्ष के बाद एक ओवरहेड टैंक और नलकूप लगाया गया। अब चार साल बीत जाने के बाद भी नलकूप से ओवरहड टैंक तक चार सौ मीटर लाइन नहीं डाली जा सकी है। ओवरहेड टैंक से नलकूप जुड़ जाते तो अधिकतर लोगों को राहत मिल जाती। वहीं, बृहस्पतिवार को क्षेत्रवासियों ने इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन भी दिया।
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वीआईपी क्षेत्र कहलाने वाला यमुना कॉलोनी भी पेयजल किल्लत झेल रहा है। इसके आसपास गोविंदगढ़, चकराता रोड सहित आसपास के लोगों को भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। यही वजह है कि लोगों ने लड़ाई लड़ी और पेयजल निगम की ओर से क्षेत्र में एक नलकूप और एक ओवरहेड टैंक बनाया गया। एक नलकूप गोविंदगढ़ में लगाया गया।
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इन दोनों ही नलकूपों से ओवरहेड टैंक को जोड़ना था ताकि प्रेशर के साथ और दूर के क्षेत्रों तक लोगों को पानी मिल सके। चार साल बीतने के बावजूद ऐसा नहीं हो पाया। नलकूपों से सीधे सप्लाई लोगों को दी जा रही है, जिसके चलते कम प्रेशर के कारण सभी लोगों को पानी नहीं मिल पाता है। यदि ओवरहेड टैंक भरे हों और बिजली न रहे तो उस स्थिति में भी लोगों को पानी दिया जा सकता है।
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क्षेत्रवासियों की समस्या
कम प्रेशर में शुरू के घरों में तो पानी आता है लेकिन मेरा घर सबसे आखिर में है, ऐसे में मेरे यहां पानी नहीं पहुंचता। ओवरहेड टैंक से लाइन जुड़े तो पानी मिले।
-सीमा, निवासी सैय्यद मोहल्ला
लंबे संघर्ष के बाद क्षेत्र में ओवरहेड टैंक और पाइप लाइन बिछाई गई। नलकूप लगने से कुछ राहत तो मिल गई लेकिन पूरी राहत तो टैंक के जोड़े जाने के बाद ही मिलेगी।
-नेहा गुप्ता, क्षेत्रीय पार्षद
शोपीस बने हैं करोड़ों के ओवरहेड टैंक
भाजपा युवा मोर्चा के महानगर महामंत्री सचिन गुप्ता ने इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि करीब चार साल पहले पानी की समस्या को दूर करने के लिए शहर में 35 ओवरहेड टैंक बनाए गए। इनमें से अधिकतर को अब तक नलकूप और पाइप लाइनों से नहीं जोड़ा गया है। यमुना कॉलोनी और गोविंदगढ़ का नलकूप यदि जुड़ जाता तो चकराता रोड, सैय्यद मोहल्ला, कृष्णनगर आदि क्षेत्रों में पानी की समस्या का निदान हो जाता। टैंक में पानी न होने की स्थिति में टैंक में भी दरार आ रही है। कहा कि जल्द से जल्द इन टैंकों को पाइप लाइन से जोड़ा जाए।