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Dehradun News: परफ्यूमरी में रोजगार और स्वरोजगार की अपार संभावनाएं
Sat, 31 Oct 2026 07:46 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Sat, 31 Oct 2026 07:46 PM IST
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- पारडी संस्थान में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन, 19 प्रशिक्षुओं को मिले प्रमाणपत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। परफ्यूमरी एवं सगंध अनुसंधान एवं विकास संस्थान (पारडी) में परफ्यूमरी एवं एरोमैटिक्स विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण में उत्तराखंड समेत विभिन्न राज्यों के 19 प्रशिक्षुओं ने प्रतिभाग किया। अंतिम दिन प्रतिभागियों ने अपने सिग्नेचर परफ्यूम तैयार किए और मूल्यांकन बूथों पर उनकी गुणवत्ता का परीक्षण किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग की अपर सचिव निधि यादव ने कहा कि परफ्यूमरी युवाओं के लिए बेहतर कॅरिअर विकल्प बन सकता है। इस क्षेत्र में नवीन सुगंधों के विकास की अपार संभावनाएं हैं। इसके माध्यम से युवा उद्यमिता, रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित कर सकते हैं। संस्थान के निदेशक डॉ. नृपेंद्र चौहान ने उनका स्वागत लैमनबाम का पौधा भेंट कर किया।
प्रशिक्षुओं ने बताया कि परफ्यूमरी की पूर्व जानकारी नहीं होने के बावजूद प्रशिक्षण से उन्हें सुगंध निर्माण के मूल सिद्धांतों की जानकारी मिली। उन्होंने लेवल-2 प्रशिक्षण शुरू कराने का आग्रह भी किया। डॉ. नृपेंद्र चौहान ने बताया कि संस्थान के स्कूल ऑफ परफ्यूमरी का यह छठा बैच था। प्रशिक्षण प्राप्त कुछ प्रतिभागियों ने अपने स्टार्टअप भी शुरू किए हैं।
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समापन पर निधि यादव ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और परफ्यूमरी किट वितरित की। संचालन डॉ. गरिमा देवलाल ने किया। इस दौरान डॉ. जफर हैदर, डॉ. गरिमा देवलाल, जाहन्वी, प्रतीक्षा और रोहित मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। परफ्यूमरी एवं सगंध अनुसंधान एवं विकास संस्थान (पारडी) में परफ्यूमरी एवं एरोमैटिक्स विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण में उत्तराखंड समेत विभिन्न राज्यों के 19 प्रशिक्षुओं ने प्रतिभाग किया। अंतिम दिन प्रतिभागियों ने अपने सिग्नेचर परफ्यूम तैयार किए और मूल्यांकन बूथों पर उनकी गुणवत्ता का परीक्षण किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग की अपर सचिव निधि यादव ने कहा कि परफ्यूमरी युवाओं के लिए बेहतर कॅरिअर विकल्प बन सकता है। इस क्षेत्र में नवीन सुगंधों के विकास की अपार संभावनाएं हैं। इसके माध्यम से युवा उद्यमिता, रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित कर सकते हैं। संस्थान के निदेशक डॉ. नृपेंद्र चौहान ने उनका स्वागत लैमनबाम का पौधा भेंट कर किया।
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प्रशिक्षुओं ने बताया कि परफ्यूमरी की पूर्व जानकारी नहीं होने के बावजूद प्रशिक्षण से उन्हें सुगंध निर्माण के मूल सिद्धांतों की जानकारी मिली। उन्होंने लेवल-2 प्रशिक्षण शुरू कराने का आग्रह भी किया। डॉ. नृपेंद्र चौहान ने बताया कि संस्थान के स्कूल ऑफ परफ्यूमरी का यह छठा बैच था। प्रशिक्षण प्राप्त कुछ प्रतिभागियों ने अपने स्टार्टअप भी शुरू किए हैं।
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समापन पर निधि यादव ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और परफ्यूमरी किट वितरित की। संचालन डॉ. गरिमा देवलाल ने किया। इस दौरान डॉ. जफर हैदर, डॉ. गरिमा देवलाल, जाहन्वी, प्रतीक्षा और रोहित मौजूद रहे।