फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   IMA POP Dehradun fiancée is a Captain and now Ayush himself has become Lieutenant their story is inspiring

IMA POP: वर्दी वाला प्यार...मंगेतर कैप्टन, अब खुद लेफ्टिनेंट बने आयुष, दिलचस्प और प्रेरक है कहानी

Sun, 14 Dec 2025 07:26 PM IST
अलका त्यागी खुशी रावत, अमर उजाला, देहरादून
खुशी रावत, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 14 Dec 2025 07:26 PM IST
सार

यह दिलचस्प और प्रेरक कहानी है लेफ्टिनेंट बने आयुष पाठक की। इनके लिए यह परेड सपनों की मंजिल भी थी और प्रेम की जीत का साक्ष्य भी।

विज्ञापन
IMA POP Dehradun fiancée is a Captain and now Ayush himself has become Lieutenant their story is inspiring
लेफ्टिनेंट आयुष पाठक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

भारतीय सैन्य अकादमी की 157वीं पासिंग आउट परेड सिर्फ नए अफसरों के कंधों पर सजी स्टार्स की कहानी नहीं थी, बल्कि इसमें कुछ रिश्तों की चमक भी शामिल थी। ऐसी ही एक दिलचस्प और प्रेरक कहानी है लेफ्टिनेंट बने आयुष पाठक की। इनके लिए यह परेड सपनों की मंजिल भी थी और प्रेम की जीत का साक्ष्य भी।

विज्ञापन


वह आईएमए से पासआउट होकर लेफ्टिनेंट बने और उनकी प्रेमिका व मंगेतर रोहिनी सेना में कैप्टन हैं। मथुरा के रहने वाले आयुष पाठक का रिश्ता सेना से केवल पेशे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके परिवार की परंपरा और संस्कारों में रचा-बसा है। उनके पिता महादेव पाठक भारतीय वायुसेना में वारंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी बहन निधि भारतीय सेना में कैप्टन के रूप में देश सेवा कर रही हैं।
विज्ञापन


साथ ही जीजा फ्लाइट लेफ्टिनेंट है। मां मंजू पाठक एक गृहिणी हैं। आयुष की कहानी भी दिलचस्प है। उनकी जिंदगी की सबसे खूबसूरत कड़ी हैं उनकी मंगेतर रोहिनी, जो स्वयं भारतीय सेना में कैप्टन हैं। आयुष बताते हैं कि रोहिनी और वह पारिवारिक मित्र हैं और बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं। समय के साथ यह दोस्ती गहरी होती गई और प्रेम में बदल गई। घरवालों की सहमति से इस रिश्ते को अहमियत मिली और दोनों अब मंगेतर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


Dehradun: थलसेना प्रमुख बोले-आधुनिक युद्ध अब केवल सैन्य क्षेत्र तक सीमित नहीं, इन आयामों को बताया महत्वपूर्ण

दिलचस्प बात यह है कि दोनों ने अलग-अलग शहरों में रहते हुए भी एक ही सपना साझा किया, भारतीय सेना की वर्दी पहनने का। उन्होंने न केवल एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया, बल्कि तैयारी के हर चरण में एक-दूसरे का सहारा बने।

आयुष कहते हैं कि उनकी सफलता में रोहिनी का योगदान अहम रहा और इसी आपसी सहयोग का परिणाम है कि आज दोनों भारतीय सेना का हिस्सा हैं। आयुष ने पहले ही प्रयास में एसीसी परीक्षा उत्तीर्ण की है। आयुष की शुरुआती शिक्षा केवि कैंट मथुरा से हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed