फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   IMA POP 2023 December Parents Feel Proud to See Stars On their son Shoulder

IMA POP 2023: बेटे के कंधों पर सितारे देख गर्व से भर गए परिजन, बोले- हमें नाज़ है, वह भारत माता की रक्षा करेगा

Sat, 09 Dec 2023 11:51 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 09 Dec 2023 11:51 PM IST
सार

आईएमए में पासिंग आउट परेड के दौरान युवा सैन्य अधिकारियों माताओं ने यह बात कही। अपने बेटों की वर्दी पर सितारे सजाते हुए गर्व से मां की आंखे छलक आईं।

विज्ञापन
IMA POP 2023 December Parents Feel Proud to See Stars On their son Shoulder
बेटे को कंधे पर उठाते परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपने लाल को पाल-पोषकर बड़ा किया। खेलना, खाना सिखाया। चलना-फिरना सिखाया, उंगली पड़कर दूर तक साथ ले गई, अब मेरा बेटा इस देश को संभालेगा। अब यह मेरा बेटा नहीं, बल्कि अफसर बनने के बाद पूरे देश का बेटा बन गया है। मुझे अपने बेटे पर गर्व है अब वह सेना में अधिकारी बनकर वह भारत माता की रक्षा करेगा।

विज्ञापन


शनिवार को आईएमए में पासिंग आउट परेड के दौरान युवा सैन्य अधिकारियों माताओं ने यह बात कही। अपने बेटों की वर्दी पर सितारे सजाते हुए गर्व से मां की आंखे छलक आईं। जेंटलमैन कैटेड्स की माताओं ने कहा कि जब भी कोई परेशानी आएगी तो मेरा बेटा देश के लिए सीना तान के खड़ा रहेगा। जरूरत पड़ने प्राण भी न्यौछावर करने पड़े तो मुझे खुशी होगी कि मेरा बेटा देश के लिए शहीद हो गया।
विज्ञापन


बेटे का जीवन अब देश के लिए
परिवार की दूसरी पीढ़ी में सेना अधिकारी बने अल्मोड़ा के सोमेश्वर निवासी यशराज सिंह ने कहा, अभी तक अपने परिवार के लिए जी रहा था। लेकिन आगे का जीवन देश के लिए होगा। पिताजी मदन सिंह ने भी सेना में रहकर देश की सेवा की है। मां उमा देवी ने कहा, बेटे ने सैन्य अफसर बनकर परिवार के साथ प्रदेश का नाम रोशन किया है। मा.सि.रि.
विज्ञापन
विज्ञापन


मामा को देखकर सेना में जाना सपना था
नैनीताल के बेतालघाट निवासी बृजेश सिंह नेगी का परिवार इन दिनों नोएडा में रहता है। बृजेश की मां उमा ने बताया कि बृजेश के नाना और मामा सेना में थे। बचपन में उन्हें बेटा देखा करता था तो यही कहता था कि मां मुझे भी ऐसी वर्दी पहननी है। बृजेश मेरा छोटा लाडला बेटा है, लेकिन अब यह पूरे देश का बेटा बन गया है और देश की रक्षा करेगा। इसी संकल्प के साथ हम इस देश की सेवा के लिए उसे भेज रहे हैं। मेरे पास बड़ा बेटा रहेगा।

मामा को देखकर सेना में जाना सपना था
उत्तराखंड के रहने वाले ब्रिजेश सिंह नेगी का परिवार इन दिनों नोएडा में रहता है। ब्रिजेश की मां उमा ने बताया कि ब्रिजेश के नाना और मामा सेना में थे। बचपन में उन्हें बेटा देखा करता था तो यही कहता था कि मां मुझे भी ऐसी वर्दी पहननी है। बृजेश मेरा छोटा लाडला बेटा है, लेकिन अब यह पूरे देश का बेटा बन गया है और देश की रक्षा करेगा। इसी संकल्प के साथ हम इस देश की सेवा के लिए उसे भेज रहे हैं। मेरे पास बड़ा बेटा रहेगा।

छोटे जिले से निकले पंकज, निभाएंगे बड़ी जिम्मेदारी
उत्तराखंड के छोटे जिले बागेश्वर से निकल पंकज जोशी सेना में अफसर बन गए हैं। पीओपी के बाद उन्होंने कहा, उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ सैन्यभूमि भी है। यही वजह रही कि देश की सेवा करने के लिए बचपन से सपना संजोया था जो परिवार के सहयोग व अपनी मेहनत-लगन से आज वह पूरा भी हो गया। इस मौके पर उनके पिता सुरेश चंद्र जोशी, मां मुन्नी जोशी व बहन साक्षी ने कहा, आज का दिन पूरे परिवार के लिए बेहद खास है। शब्दों में इसे बयां नहीं किया जा सकता। 

दादा से कहानियां सुन देश सेवा का लिया संकल्प : विक्की
ऊधमसिंहनगर जिले के बाजपुर निवासी विक्की मेहता को अपने दादा धर्म सिंह से सेना में आने की प्रेरणा मिली। उन्होंने बताया, बचपन में दादा से सेना की बहुत सारी कहानियां सुनी थीं। उन्हें सुन-सुनकर देशसेवा का संकल्प लिया था। आईएमए में मौजूद उनके पिता इंदर सिंह मेहता व मां इंदु मेहता ने कहा, बेटे को अफसर बनते देख ऐसा लग रहा है जैसे कोई वर्षों का सजाया सपना आज पूरा हो गया। बेटे ने अपनी मेहनत और सच्ची लगन से यह मुकाम हासिल किया है। 

पिता का सपना पूरा कर रहा बेटा
अल्मोड़ा के गड़सारी निवासी ईश्वर सिंह लेफ्टिनेंट बन गए हैं। इससे पहले ईश्वर ने बतौर सिपाही सेना में सेवा दी है। मां पार्वती देवी ने बताया कि मेरा बेटा पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन कर रहा है। मेरे पति सेना में हवलदार थे अब बेटा उनका सपना पूरा कर रहा है। मेरे बेटे ने मेरी कोख से जन्म लेकर मुझे पवित्र कर दिया। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि यह मेरा लाल है जो अब पूरे देश का लाल बन गया है।

परिवार की तीसरी पीढ़ी के सौरभ सेना में
अनारवाला निवासी सौरभ थापा शनिवार को बतौर अफसर सेना में शामिल हो गए हैं। सौरभ ऐसा करने वाले अपने परिवार में तीसरी पीढ़ी के युवा हैं। उनके दादा मनबहादुर थापा भी सेना से हवलदार पद से सेनानिवृत्त हुए थे। उनके बाद उनके पिता गणेश बहादुर थापा भी सेना से ऑनरेरी कैप्टन के पद से 2013 में सेवानिवृत्त हुए। सौरभ का कहना है कि वह अकेले अभी तक सेना में अफसर हैं। दादा, पिता, भाई ही सेना में जाने के लिए उनके प्रेरणास्रोत बने। 

पिता से मिला सेना में जाने की प्रेरणा
पिथौरागढ़ के निवासी राजीव सौन के सेना में अफसर बनने पर उनके परिजन काफी खुश नजर आए। गौरव के पिता खेम सिंह सौन भी आर्मी में सूबेदार पद से रिटायर्ड हैं जबकि मां द्रौपदी देवी गृहणी हैं। राजीव की शिक्षा कक्षा-6 से 12 तक आर्मी स्कूल शिमला में हुई। पीओपी के बाद कहा कि वह अच्छा सैन्य अफसर बन देश-प्रदेश और माता-पिता का नाम रोशन करेंगे। मा.सि.रि.

लेफ्टिनेंट राकेश के पिता चलाते हैं परचून की दुकान
रिखनीखाल के रहने वाले राकेश रावत के पिता विनोद सिंह गांव में ही परचून की दुकान चलाते हैं। उनकी मां सुरजी देवी गृहणी हैं। राकेश के भाई रमेश 4/8 गोरखा राइफल में हैं। उन्हें बचपन से ही सेना में जाने की ललक थी। मेहनत के बलबूते उन्होंने सीडीएस की परीक्षा पास की और सेना में अफसर बन गए। 

ओएनजीसी के छात्र रहे गौरव राणा सेना में बने लेफ्टिनेंट
अल्मोड़ा के कनारीछीना निवासी लेफ्टिनेंट गौरव सिंह राणा केंद्रीय विद्यालय ओएनजीसी के छात्र रहे हैं। उनके पिता सूबेदार मेजर जीवन सिंह भी सेना में सेवाएं दे रहे हैं। गौरव ने कहा कि वह 12वीं कक्षा तक केंद्रीय विद्यालय ओएनजीसी में पढ़े हैं। इसके बाद 2020 में उनका चयन एनडीए में हुआ। उनकी माता विमला राणा और बहन कविता राणा ने गौरव के सेना में अधिकारी बनने पर खुशी जाहिर की। 

चमोली के रक्षित मिश्रा सेना में बने लेफ्टिनेंट
चमोली जिले के देवाल निवासी रक्षित मिश्रा भी सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। उनके पिता सीनियर ऑडिट ऑफिसर हैं। माता हेमा मिश्रा गृहणी हैं। उन्होंने बताया कि काफी समय पहले वह पुत्र को लेकर सैनिक स्कूल गए थे। वहीं से रक्षित ने सेना में भर्ती होने की इच्छा जाहिर की। रक्षित ने पंतनगर विश्वविद्यालय से बीटेक किया। उसके बाद उन्होंने सीडीएस की परीक्षा पास की। आईएमए में प्रशिक्षण के बाद लेफ्टिनेंट बने। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed