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आईएमए ग्रेजुएशन सेरेमनी: भारतीय सैन्य अकादमी की मुख्यधारा में शामिल हुए 68 कैडेट, मिली जेएयू की डिग्री
Fri, 03 Dec 2021 11:02 AM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 03 Dec 2021 11:02 AM IST
सार
IMA Graduation Ceremony: सिपाही के रूप में फौज में भर्ती हुए देशभर के युवाओं ने शुक्रवार को तरक्की की उड़ान भरी। वर्षों से सेना में अफसर बनने का सपना संजोए कैडेट लगन और मेहनत के बूते नए मुकाम तक पहुंच गए हैं।
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आईएमए ग्रेजुएशन सेरेमनी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए ) स्थित आर्मी कैडेट काॅलेज (एसीसी) के 118 वें दीक्षा समारोह में 68 कैडेट को जेएनयू की डिग्री से नवाजा गया। एसीसी में तीन साल के कड़े प्रशिक्षण और पढ़ाई के बाद ये कैडेट आईएमए की मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। अब एक साल के प्रशिक्षण के बाद ये सेना में बतौर अधिकारी शामिल हो जाएंगे।
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आईएमए के खेत्रपाल सभागार में आयोजित दीक्षा समारोह में कमाडेंट लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने कैडेट्स को स्नातक की उपाधि व अवाॅर्ड प्रदान किए। उपाधि पाने वालों में 31 विज्ञान और 37 कैडेट कला वर्ग में स्नातक हुए।
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कमांडेंट ने अफसर बनने की राह पर अग्रसर कैडेटों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कैडेटों को याद दिलाया कि एसीसी ने देश को बड़ी संख्या में ऐसे जांबाज अफसर दिए हैं, जिन्होंने अपनी क्षमता के बलबूते कई पदक जीते। जिनमें न केवल आईएमए की प्रतिष्ठित स्वार्ड ऑफ ऑनर बल्कि असाधारण साहस व बलिदान के लिए मिलने वाले परमवीर चक्र व अशोक चक्र जैसे वीरता पदक भी शामिल हैं। आर्मी कैडेट काॅलेज के कई कैडेट सेना में उच्च पदों पर आसीन हुए हैं।
उन्होंने कहा कि उपाधि पाने वाले कैडेटों की जिंदगी का यह एक अहम पड़ाव है। कहा कि उनके सामने कई चुनौतियां होंगी, मगर देश की आन, बान और शान बनाए रखने की जिम्मेदारी अब उनके हाथों में होगी। इस मौके पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को बधाई देते कहा कि वह अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखें। इससे पहले एसीसी के प्रधानाचार्य डा नवीन कुमार ने काॅलेज की प्रगति रिपोर्ट पेश की। एसीसी कमान्डेंट ब्रिगेडियर शैलेश सती ने कैडेटों को बधाई दी।
इन्हें मिला पुरस्कार
चीफ आफ आर्मी स्टाफ मेडल
गोल्डः मनोज बृजवासी
सिल्वरः नितेश सिंह बिष्ट
ब्रांजः मनप्रीत सिंह
कमान्डेंट बैनरःकारगिल कंपनी
कमान्डेंट सिल्वर मेडल
सर्विसः मनप्रीत सिंह
ह्यूमैनिटीजः मनप्रीत सिंह
साइंसः मनोज बृजवासी
एसीसी का सफर
आर्मी कैडेट काॅलेज (एसीसी) की नींव दि किचनर काॅलेज के रूप में वर्ष 1929 में तत्कालीन फील्ड मार्शल बिर्डवुड ने नौगांव (मध्य प्रदेश) में रखी। 16 मई 1960 में किचनर काॅलेज आर्मी कैडेट काॅलेज के रूप में कार्य करने लगा, जिसका शुभारंभ तत्कालीन रक्षा मंत्री वीके कृष्णा व जनरल केएस थिमैया ने किया। यहां से कोर्स की पहला दीक्षा समारोह 10 फरवरी 1961 को हुआ। वर्ष 1977 में काॅलेज भारतीय सैन्य अकादमी से अटैच कर दिया गया। वर्ष 2006 में कालेज आईएमए का अभिन्न अंग बन गया। कालेज सैनिकों को अधिकारी बनने का मौका देता है। यहं से पास होकर कैडेट आईएमए में जेंटलमेन कैडेट के रूप में प्रशिक्षण लेकर सैन्य अफसर बनने की खूबियां अपने भीतर समाहित करते हैं।