IMA POP: कमांडेंट परेड में कैडेट्स ने दिखाया दम, ड्रिल स्क्वायर पर 487 रणबांकुरों ने मिलाया कदमताल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में पासिंग आउट परेड (पीओपी) से पहले बृहस्पतिवार को जेंटलमैन कैडेट्स ने कमांडेंट्स परेड में अपना दमखम दिखाया। ऐतिहासिक चैटवुड बिल्डिंग के सामने ड्रिल स्क्वॉयर पर 409 भारतीय और 78 विदेशी कैडेट्स ने ‘आईएमए गीत’ और ‘सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्तां हमारा’ गीत की धुनों पर कदम से कदम मिलाए। अकादमी के कमांडेंट ले.ज. एसके झा ने परेड की सलामी ली।
नौ दिसंबर को होने वाली पासिंग आउट परेड से पहले कमांडेंट परेड के बहाने कैडेट्स ने फुल ड्रेस रिहर्सल की। अकादमी कमांडेंट ले.ज. एसके झा ने परेड का निरीक्षण किया। बाद में कैडेट्स को संबोधित करते हुए उन्होंने जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सैन्य अफसर के लिए सेना की परंपराओं का ईमानदारी और जिम्मेदारी से निर्वहन करना बेहद आवश्यक है। बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, सैन्य अफसर, कैडेट्स के परिजन इस परेड के दौरान मौजूद रहे।
दर्शकों ने झेली परेशानी
दर्शकों ने झेली परेशानी
परेड देखने के लिए पहुंचे स्कूली बच्चों और अन्य दर्शकों को सैन्य कर्मियों की सख्ती के चलते परेशानी झेलनी पड़ी। करीब ढाई घंटे तक मौजूद रहे दर्शकों को न तो पीने का पानी मिल पाया और न ही वह शौचालय जा सके। जिस तरफ दर्शक बैठाए गए, वहां के शौचालयों का सैन्य कर्मियों ने उन्हें इस्तेमाल नहीं करने दिया।
खामी में सुधार का दावा
पासिंग आउट परेड के अंत में अंतिम पग पार करने वाले जेंटलमैन कैडेट्स पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाती है। कमांडेंट परेड के दौरान रिहर्सल में हेलीकॉप्टर कैडेट्स के ऊपर फूल नहीं फेंक सके। केवल एक हेलीकॉप्टर से फेंके गए कुछ फूल ही कैडेट्स पर गिरे। एक हेलीकॉप्टर ने जहां परेड से पहले ही फूल फेंक दिए, वहीं दूसरे ने मैदान के खाली हिस्से में फूलों की बारिश की। कमांडेंट ने पीओपी के दौरान यह खामी सुधारने का दावा किया है।