आठ लोगों के 'खून' में IIT रुड़की के दो वैज्ञानिक गिरफ्तार
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कीर्तिनगर पुलिस आईआईटी रुड़की के सिविल इंजीनियर विभाग के दो वैज्ञानिकों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार वैज्ञानिकों को टिहरी सीजीएम कोर्ट में पेश किया जाएगा। 2012 में कीर्तिनगर में गिरे निर्माणाधीन चौरास पुल का डिजाइन आईआईटी के वैज्ञानिकों ने तैयार किया था। मामले में दोनों वैज्ञानिकों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज है।
आईआईटी रुड़की के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिकों की ओर से तैयार किए गए डिजाइन पर श्रीनगर गढ़वाल के समीप कीर्तिनगर में बनाया जा रहा चौरास पुल वर्ष 2012 में गिर गया था। जिसमें सात मजदूर और एक इंजीनियर की मौत हुई थी।
मामले में आईआईटी रुड़की के सिविल विभाग के वैज्ञानिक डॉ. विपुल प्रकाश और डॉ. विजय कुमार गुप्ता पर भी गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज हुआ था। बताया गया है कि कोर्ट की ओर से दोनों वैज्ञानिकों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे।
वैज्ञानिकों को टिहरी CGM कोर्ट में किया जाएगा पेश
रविवार की रात को कीर्तिनगर से इंस्पेक्टर चंदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पांच सदस्यीय पुलिस टीम रुड़की पहुंची। इसके बाद सिविल लाइंस रुड़की कोतवाली पुलिस को साथ लेकर आईआईटी पहुंची और दोनों वैज्ञानिकों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई।
पुलिस ने लिखा पढ़ी कर दोनों वैज्ञानिकों को अपने साथ ले जाने की तैयारी कर रही है। बताया गया है कि वैज्ञानिकों को सोमवार को टिहरी सीजीएम कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं, वैज्ञानिकों की गिरफ्तारी के बाद संस्थान प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
देर रात संस्थान कुलसचिव प्रशांत गर्ग, सुरक्षा अधिकारी केपी सिंह, अमित जोशी सहित संस्थान के कई अन्य वैज्ञानिक भी जानकारी लेने के लिए कोतवाली पहुंचे। संस्थान प्रशासन के अधिकारियों ने दोनों वैज्ञानिकों की जमानत कराने की तैयारी शुरू कर दी है।