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Dehradun News: वाईफाई वाला डेबिट-क्रेडिट कार्ड है तो सिल्वर फॉइल में लपेटकर रखें
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I- भीड़ वाले इलाकों में ठग रहते हैं सक्रिय, वाईफाई वाले डेबिट-क्रेडिट कार्ड से काट लेते हैं रुपये
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I सिल्वर फॉइल में लपेटकर रोटी रखने के तो लाभ आप जानते ही होंगे। लेकिन, डेबिट और क्रेडिट कार्ड भी सिल्वर फॉइल में लपेटकर रखने से लाभ होगा। अगर आपके पास वाईफाई ट्रांजैक्शन वाला डेबिट या क्रेडिट कार्ड है फॉइल में लपेटकर रखने की तरकीब साइबर ठगी से बचा सकती है। इससे भीड़ वाले इलाकों में सक्रिय साइबर ठग आपके रुपये नहीं काट पाएंगे क्योंकि फॉइल में लपेटे रहने से कार्ड कनेक्ट नहीं हो पाता है।
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Iऐसे होती है ठगी
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Iवाईफाई सुविधा वाले डेबिट और क्रेडिट कार्ड से दो हजार तक का भुगतान बिना कार्ड स्वैप किए किया जा सकता है। इसके लिए प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन से आपका कार्ड एक निश्चित दायरे के भीतर होना चाहिए। इसी दूरी का फायदा उठाकर साइबर ठग भीड़ वाले इलाकों में आपके रुपये उड़ा सकते हैं। साइबर क्राइम विशेषज्ञ डीएसपी सुमित पांडेय ने बताया कि साइबर ठग पॉकेट साइज पीओएस मशीन या एक खास उपकरण अपनी जेब में लेकर घूमते हैं। जिन लोगों का क्रेडिट या डेबिट कार्ड वाईफाई वाला होता है उससे खुद-ब-खुद ट्रांजैक्शन हो जाते हैं।
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Iसिल्वर फॉइल से ऐसे होता है बचाव
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Iसिल्वर विद्युत सुचालक धातु होती है। सुचालक धातुएं रेडियो तरंगों को रोकने में सहायक होती हैं। वाईफाई भी रेडियो तरंगों पर ही काम करता है। डीएसपी सुमित पांडेय ने बताया कि यदि सिल्वर फॉइल में डेबिट या क्रेडिट कार्ड को लपेटकर रखा जाता है तो यह सुरक्षित हो जाता है। हालांकि, कुछ जानकार कहते हैं कि इससे पूरी तरह बचाव संभव नहीं लेकिन यह वाईफाई सिग्नल को काफी हद तक ब्लॉक कर देता है। बाजार में क्रेडिट और डेबिट कार्ड के लिए सिल्वर कवर भी मौजूद हैं। इनका प्रयोग भी इससे बचाव के लिए किया जा सकता है।
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Iऐसे भी कर सकते हैं बचाव
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I- कार्ड पर वाईफाई ट्रांजैक्शन की जब जरूरत हो तभी चालू करें।
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I- कार्ड पर ऑनलाइन शॉपिंग का ऑप्शन भी ब्लॉक रखें।
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I- ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें।
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I- वेबसाइट https://cybercrime.gov.in/Hindi/Defaulthn.aspx पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।I
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I- भीड़ वाले इलाकों में ठग रहते हैं सक्रिय, वाईफाई वाले डेबिट-क्रेडिट कार्ड से काट लेते हैं रुपये
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I सिल्वर फॉइल में लपेटकर रोटी रखने के तो लाभ आप जानते ही होंगे। लेकिन, डेबिट और क्रेडिट कार्ड भी सिल्वर फॉइल में लपेटकर रखने से लाभ होगा। अगर आपके पास वाईफाई ट्रांजैक्शन वाला डेबिट या क्रेडिट कार्ड है फॉइल में लपेटकर रखने की तरकीब साइबर ठगी से बचा सकती है। इससे भीड़ वाले इलाकों में सक्रिय साइबर ठग आपके रुपये नहीं काट पाएंगे क्योंकि फॉइल में लपेटे रहने से कार्ड कनेक्ट नहीं हो पाता है।
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Iऐसे होती है ठगी
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Iवाईफाई सुविधा वाले डेबिट और क्रेडिट कार्ड से दो हजार तक का भुगतान बिना कार्ड स्वैप किए किया जा सकता है। इसके लिए प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन से आपका कार्ड एक निश्चित दायरे के भीतर होना चाहिए। इसी दूरी का फायदा उठाकर साइबर ठग भीड़ वाले इलाकों में आपके रुपये उड़ा सकते हैं। साइबर क्राइम विशेषज्ञ डीएसपी सुमित पांडेय ने बताया कि साइबर ठग पॉकेट साइज पीओएस मशीन या एक खास उपकरण अपनी जेब में लेकर घूमते हैं। जिन लोगों का क्रेडिट या डेबिट कार्ड वाईफाई वाला होता है उससे खुद-ब-खुद ट्रांजैक्शन हो जाते हैं।
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Iसिल्वर फॉइल से ऐसे होता है बचाव
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Iसिल्वर विद्युत सुचालक धातु होती है। सुचालक धातुएं रेडियो तरंगों को रोकने में सहायक होती हैं। वाईफाई भी रेडियो तरंगों पर ही काम करता है। डीएसपी सुमित पांडेय ने बताया कि यदि सिल्वर फॉइल में डेबिट या क्रेडिट कार्ड को लपेटकर रखा जाता है तो यह सुरक्षित हो जाता है। हालांकि, कुछ जानकार कहते हैं कि इससे पूरी तरह बचाव संभव नहीं लेकिन यह वाईफाई सिग्नल को काफी हद तक ब्लॉक कर देता है। बाजार में क्रेडिट और डेबिट कार्ड के लिए सिल्वर कवर भी मौजूद हैं। इनका प्रयोग भी इससे बचाव के लिए किया जा सकता है।
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Iऐसे भी कर सकते हैं बचाव
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I- कार्ड पर वाईफाई ट्रांजैक्शन की जब जरूरत हो तभी चालू करें।
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I- कार्ड पर ऑनलाइन शॉपिंग का ऑप्शन भी ब्लॉक रखें।
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I- ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें।
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I- वेबसाइट https://cybercrime.gov.in/Hindi/Defaulthn.aspx पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।I