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Dehradun News: बिना पंजीकरण पाला खूंखार कुत्ता तो लगेगा 20 हजार का जुर्माना
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बिना पंजीकरण खूंखार कुत्ता पाला तो 20 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा। कुत्ता पालने के लिए शनिवार से नगर निगम के नए नियम लागू हो जाएंगे। इनके उल्लंघन पर अब न सिर्फ जुर्माना भरना होगा बल्कि जेल भी जाना पड़ सकता है। नगर निगम की पालतू-लावारिस कुत्तों से संबंधित उपविधि 2025 का गजट प्रकाशन हो गया है। यह उपविधि शनिवार से राजधानी में लागू हो जाएगी।
राजधानी में बढ़ती कुत्तों की संख्या और पालतू कुत्तों के हमलों को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने सख्ती नीति बनाई है। लंबी जद्दोजहद और मंथन के बाद निगम के पशु चिकित्सा अनुभाग ने इस पर दावे आपत्तियां मांगी थीं। इसके बाद उनका निस्तारण किया गया। 22 जनवरी को इस उपविधि को गजट प्रकाशन के लिए रुड़की भेज दिया गया और इसका प्रकाशन कर दिया गया। 13 फरवरी को इसकी अधिकारिक सूचना भी नगर निगम को मिल गई। अब इस उपविधि को 14 मार्च से राजधानी नगर निगम क्षेत्र में लागू कर दिया गया। पालतू कुत्ते के परित्याग पर जुर्माने के साथ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। साथ ही दोषी को जेल भी जाना पड़ सकता है।
Iये होंगे नियम
I
- पिटबुल, रॉटविलर, अमेरिकन बुलडॉग आदि विदेशी नस्ल का तत्काल पंजीकरण या नसबंदी नहीं होने पर 20 हजार का जुर्माना।
- अन्य पालतू कुत्ते का तत्काल पंजीकरण नहीं कराने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना।
- शनिवार से एक महीने के भीतर बोर्डिंग कैनेल, निजी श्वान शेल्टर के लिए पंजीकरण न होने पर 500 रुपये प्रति माह का जुर्माना।
- पेट शॉप का एक महीने के भीतर लाइसेंस नहीं लेने पर 300 रुपये प्रति माह जुर्माना।
- ब्रीडिंग फार्म के लिए शनिवार से एक महीने के भीतर पंजीकरण न कराने पर 200 रुपये प्रति माह का जुर्माना।
- ब्रीडिंग फार्म के लिए नगर निगम में पंजीकरण की तिथि से उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड से छह माह के भीतर पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त न करने पर 500 रुपये प्रति माह जुर्माना।
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Iपालतू कुत्ते के परित्याग पर 20 हजार का जुर्माना
I
शनिवार के बाद यदि कोई व्यक्ति अपने पालतू कुत्ते को लावारिस छोड़ देता है तो उसको भी 20 हजार रुपये का अर्थदंड भुगतना होगा। यह एक गंभीर अपराध माना गया है इसमें दोषी पाए जाने पर जुर्माने के साथ-साथ संबंधित कुत्ता मालिक के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा सकती है।
Iनगर निगम की उपविधि शनिवार से लागू होगी। अब से राजधानी में कुत्तों के संबंध में नए नियम न मानने और लापरवाही बरतने पर नई उपविधि के तहत कार्रवाई की जाएगी। - नमामी बंसल, नगर आयुक्तI
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राजधानी में बढ़ती कुत्तों की संख्या और पालतू कुत्तों के हमलों को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने सख्ती नीति बनाई है। लंबी जद्दोजहद और मंथन के बाद निगम के पशु चिकित्सा अनुभाग ने इस पर दावे आपत्तियां मांगी थीं। इसके बाद उनका निस्तारण किया गया। 22 जनवरी को इस उपविधि को गजट प्रकाशन के लिए रुड़की भेज दिया गया और इसका प्रकाशन कर दिया गया। 13 फरवरी को इसकी अधिकारिक सूचना भी नगर निगम को मिल गई। अब इस उपविधि को 14 मार्च से राजधानी नगर निगम क्षेत्र में लागू कर दिया गया। पालतू कुत्ते के परित्याग पर जुर्माने के साथ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। साथ ही दोषी को जेल भी जाना पड़ सकता है।
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Iये होंगे नियम
I
- पिटबुल, रॉटविलर, अमेरिकन बुलडॉग आदि विदेशी नस्ल का तत्काल पंजीकरण या नसबंदी नहीं होने पर 20 हजार का जुर्माना।
- अन्य पालतू कुत्ते का तत्काल पंजीकरण नहीं कराने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना।
- शनिवार से एक महीने के भीतर बोर्डिंग कैनेल, निजी श्वान शेल्टर के लिए पंजीकरण न होने पर 500 रुपये प्रति माह का जुर्माना।
- पेट शॉप का एक महीने के भीतर लाइसेंस नहीं लेने पर 300 रुपये प्रति माह जुर्माना।
- ब्रीडिंग फार्म के लिए शनिवार से एक महीने के भीतर पंजीकरण न कराने पर 200 रुपये प्रति माह का जुर्माना।
- ब्रीडिंग फार्म के लिए नगर निगम में पंजीकरण की तिथि से उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड से छह माह के भीतर पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त न करने पर 500 रुपये प्रति माह जुर्माना।
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Iपालतू कुत्ते के परित्याग पर 20 हजार का जुर्माना
I
शनिवार के बाद यदि कोई व्यक्ति अपने पालतू कुत्ते को लावारिस छोड़ देता है तो उसको भी 20 हजार रुपये का अर्थदंड भुगतना होगा। यह एक गंभीर अपराध माना गया है इसमें दोषी पाए जाने पर जुर्माने के साथ-साथ संबंधित कुत्ता मालिक के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा सकती है।
Iनगर निगम की उपविधि शनिवार से लागू होगी। अब से राजधानी में कुत्तों के संबंध में नए नियम न मानने और लापरवाही बरतने पर नई उपविधि के तहत कार्रवाई की जाएगी। - नमामी बंसल, नगर आयुक्तI