IDEA ने 'उल्लू' बनाया, देना होगा 34 हजार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपने विज्ञापन में 'नो उल्लू बनाविंग' का दावा करने वाली कंपनी आइडिया सेलुलर सच में क्या करती है, इसकी पोल उस समय खुल गई जब उपभोक्ता फोरम ने आइडिया से एक उपभोक्ता को 34 हजार रुपए चुकाने का आदेश दिया है।
मामला देहरादून का है, दुबई जाने से पहले अंतर्राष्ट्रीय रोमिंग सुविधा के लिए दून के ईस्ट कैनाल रोड निवासी अधिवक्ता मनोज कुमार कोहली ने पैसा जमा कराया, लेकिन भारत लौटने के बाद भी फोन पर सुविधा चालू नहीं हुई।
मनोज कुमार की शिकायत पर उपभोक्ता फोरम ने मामले में आइडिया सेलुलर कंपनी को उपभोक्ता को 34 हजार रुपये चुकाने का आदेश दिया है।
2013 का मामला है
दून के ईस्ट कैनाल रोड निवासी अधिवक्ता मनोज कुमार कोहली ने 29 जनवरी 2013 को जिला उपभोक्ता फोरम में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि वह वर्ष 2000 से आइडिया सेलुलर फोन इस्तेमाल कर रहे हैं।
सात दिसंबर 2012 को दुबई जाने से पहले उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय रोमिंग सुविधा के लिए बतौर सिक्योरिटी छह हजार रुपए और फिर 22 दिसंबर 2013 को तीन हजार रुपए बतौर रोमिंग शुल्क जमा कराए।
कोहली 25 दिसंबर को दुबई रवाना हुए और 31 दिसंबर को दून लौट आए। लेकिन इस बीच उनके फोन पर रोमिंग सुविधा नहीं मिली। दून आने के बाद मनोज कुमार ने मुस्कान सेलुलर कनाट प्लेस देहरादून, आइडिया सेलुलर फोन गुजरात और नोएड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष बलवीर प्रसाद और सदस्य अलका नेगी ने शुक्रवार को अपने फैसले में कंपनी को दोषी माना। फोरम ने कंपनी को उपभोक्ता को सिक्योरिटी और फीस के रूप में लिए नौ हजार रुपए लौटाने, पांच हजार रुपए वाद व्यय और 20 हजार रुपए हर्जाना देने का आदेश दिया। कंपनी को यह राशि एक माह के भीतर देनी होगी।