बदरीनाथ यात्रा: मौसम ले रहा भक्तों की आस्था का इम्तहान
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बदरीनाथ हाईवे की बदहाली यात्रा पर भारी पड़ रही है। आलम यह है कि रविवार को सुबह पांच बजकर 15 मिनट पर धाम के कपाट खुलने हैं और शनिवार को देर शाम कंचन गंगा में हिमखंड टूटने से हाईवे अवरुद्ध हो गया है।
बड़ी संख्या में यात्री बीच में ही फंसे हुए हैं। बदरीनाथ हाईवे के लामबगड़, बैनाकुली, कंचन गंगा जैसे डेंजर जोन आस्था की यात्रा में बड़ी बाधा के रूप में सामने आए हैं।
हनुमान चट्टी में तीर्थयात्रियों की भीड़ उमड़ी है। लेकिन यहीं से दुश्वारियां भी शुरू हो जाती हैं। पूरा मार्ग ऊबड़-खाबड़ है। यहां से कंचनगंगा तक (आठ किमी) छोटे वाहनों की आवाजाही रुक-रुककर हो रही है। बीआरओ के अधिकारी और पुलिस के जवान छोटे वाहनों की आवाजाही कराने में लगे रहे। बदरीनाथ मुख्य बाजार में अभी भी कई दुकानें बर्फ से क्षतिग्रस्त पड़ी हैं, जिन्हें दुकान मालिक दुरुस्त करने में जुटे रहे।
मुख्यमंत्री हरीश रावत पहुंच गए धाम
बदरीनाथ धाम के कपाटोद्घाटन में शामिल होने के लिए सीएम हरीश रावत, पर्यटन मंत्री दिनेश धनै, विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी और बीकेटीसी अध्यक्ष गणेश गोदियाल धाम पहुंच गए हैं।
बताया गया है कि पहले दिन बदरीनाथ के दर्शन करने लगभग पांच हजार तीर्थयात्री भी देश-विदेश से पहुंच गए हैं। बदरीनाथ धाम में मंदिर को सजाने का काम पूरा हो चुका है।
बारिश ने रोका रास्ता
उधर, शाम तीन बजे बाद मौसम बदला और निचले क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई। पांडुकेश्वर में बारिश का खासा असर हुआ है। पांडुकेश्वर से बदरीनाथ धाम 22 किमी दूर है। हाईवे बारिश के कारण रड़ांग बैंड के पास बंद हो गया है, जिससे तीर्थयात्री वहीं फंस गए हैं।