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Rishikesh: परिवार संग परमार्थ निकेतन पहुंचे ICC के अध्यक्ष जय शाह, पूजा अर्चना कर गंगा आरती में हुए शामिल
Mon, 05 May 2025 08:21 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 05 May 2025 08:21 PM IST
सार
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि जब राष्ट्र निर्माण और आध्यात्मिक चेतना एक साथ चलती है, तो देश में विकास टिकाऊ, संतुलित और सशक्त होता है।
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परमार्थ निकेतन में गंगा आरती करते जय शाह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष जय अमित भाई शाह अपनी धर्मपत्नी ऋषिता पटेल, माता सोनल अमित शाह के साथ परमार्थ निकेतन आश्रम पहुंचे।
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आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। आश्रमाध्यक्ष ने शाह परिवार का अभिनंदन करते हुए उन्हें रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया। उसके बाद शाह परिवार ने गंगा घाट पर आयोजित सांध्यकालीन गंगा आरती में प्रतिभाग किया।
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स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि जब राष्ट्र निर्माण और आध्यात्मिक चेतना एक साथ चलती है, तो देश में विकास टिकाऊ, संतुलित और सशक्त होता है। भारत के पास ऐसा नेतृत्व है जो आध्यात्मिक मूल्यों को आत्मसात कर, आधुनिकता और संस्कृति के बीच संतुलन बना कर आगे बढ़ रहे हैं।
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जय शाह एक ऐसे दूरदर्शी, कर्मठ और युवा नेतृत्व के प्रतीक हैं, जिन्होंने भारतीय एवं एशियाई क्रिकेट को नई दिशा और नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं। युवा ऊर्जा और युवा नेतृत्व किसी भी राष्ट्र के भविष्य की सबसे मजबूत नींव होते हैं। जब युवाओं का उत्साह, नवीन सोच और साहस अनुभव, मार्गदर्शन और दूरदर्शिता के साथ जुड़ते हैं, तो विकास की एक नई, सकारात्मक और सशक्त धारा प्रवाहित होती है।
आज का युवा केवल बदलाव की आकांक्षा नहीं रखता, बल्कि वह स्वयं बदलाव का वाहक बन रहा है। वह अपनी ऊर्जा, नवाचार और प्रतिबद्धता के साथ समाज, देश और विश्व को नई दिशा देने के लिए तत्पर है। आधुनिक तकनीक, डिजिटल ज्ञान, वैश्विक दृष्टिकोण और सामाजिक संवेदनशीलता से सुसज्जित यह पीढ़ी, अब केवल समर्थ नहीं बल्कि संकल्पबद्ध भी है।