आईएएस स्टिंग केस में फंसे उमेश शर्मा की प्रेस मान्यता हुई रद्द, 21 नवंबर तक बढ़ी रिमांड
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प्रेस इंफोरमेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने स्टिंग ऑपरेशन प्रकरण में जेल में बंद निजी चैनल के सीईओ उमेश शर्मा की प्रेस मान्यता समाप्त कर दी है। इस संबंध में पीआईबी के अपर महानिदेशक जनरल की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। बता दे स्टिंग ऑपरेशन करने में नाकाम रहे कर्मचारी को धमकाने के मामले में गिरफ्तारी के बाद पीआईबी ने यह कार्रवाई की है।
स्टिंग ऑपरेशन प्रकरण में जेल में बंद निजी चैनल के सीईओ की जमानत अर्जी पर जनपद न्यायाधीश की कोर्ट में 16 नवंबर को सुनवाई होगी। उधर, उमेश शर्मा की न्यायिक रिमांड अब 21 नवंबर तक बढ़ा दी गई है।
मुख्यमंत्री और अपर मुख्य सचिव का स्टिंग ऑपरेशन न करने पर अपने चैनल के एडीटर इंवेस्टगेशन आयुष गौड़ को धमकाने के मामले में सीईओ उमेश कुमार शर्मा जेल में बंद है। शर्मा के जेल में जाने के बाद पुलिस ने अन्य मुकदमे भी दर्ज किए हैं।
अन्य आरोपियों में दो नैनीताल हाईकोर्ट से स्थगनादेश पा चुके हैं। निचली अदालत में जमानत याचिका निरस्त होने के बाद बृहस्पतिवार को उमेश शर्मा के अधिवक्ता द्वारा जनपद न्यायाधीश की कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दिया गया।
जनपद न्यायाधीश ने जमानत अर्जी को स्वीकारते हुए सुनवाई के लिए 16 नवंबर की तिथि निर्धारित की है। उधर, उमेश शर्मा की न्यायिक हिरासत बढ़ाकर 21 नवंबर कर दी गई है। पहले आठ नवंबर तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।