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स्कूलों में ‘क्वालिटी एजूकेशन’ पहली प्राथमिकता

Sat, 28 Oct 2017 12:14 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 28 Oct 2017 12:14 PM IST
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IAS bhupinder kaur aulakh is new secretary of schooling education department
bhupendra kaur aulakh - फोटो : amar ujala

वरिष्ठ आईएएस डॉ. भूपेंदर कौर औलख ने विद्यालयी शिक्षा विभाग के सचिव का पदभार शुक्रवार से संभाल लिया है। अपने सख्त प्रशासनिक तौर-तरीकों के लिए पहचानी जाने वाली औलख ने समाज कल्याण विभाग और नारी निकेतन के हालात सुधारने में बहुत अच्छा कार्य किया। अब उनके सामने विद्यालयी शिक्षा विभाग है। उसकी हालत भी इस वक्त खराब है। फर्जी प्रमाण पत्र से शिक्षकों की नियुक्ति, स्कूलों में बच्चों और अध्यापकों की कमी, शिक्षक संघों की मांगें समेत कई मुद्दों पर सचिव डॉ. औलख से अमर उजाला की बात हुई। प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश...

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शिक्षा विभाग मुद्दों से भरा है, शुरुआत कहां से करेंगी?
सिर्फ और सिर्फ क्वालिटी एजूकेशन। किसी भी हालत में स्कूलों की शिक्षा का स्तर सुधरे, जिससे गरीब बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर कम्पटीट कर सकें। सरकारी स्कूलों की इमेज बिल्डिंग हो। जहां कमियां हैं उन्हें सुधारने के प्रयास किए जाएंगे।
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जाली प्रमाण पत्र से लोग शिक्षक बनें हैं, कैसे सुधरेगा स्तर?
एसआईटी मामले की जांच कर रही है। एसआईटी जांच में किसी को छोड़ने वाली नहीं है। विभाग स्तर से एसआईटी का पूरा सहयोग किया जाएगा।

विशिष्ट बीटीसी के मामले में क्या करेंगीं?
आज ही पदभार संभाला है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के संबंध में जानकारी नहीं है। विभागीय बैठक बुलाई है। इस मामले के संबंध में पूछेंगे।

एनएएस की परीक्षा होनी है, क्या तैयारी है?
राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) की परीक्षा 13 नवंबर को होनी है। विभाग तैयारी कर रहा है। इसमें बच्चों का शैक्षिक स्तर पता चलेगा। यह पारदर्शी सर्वे होगा। साथ ही इससे अखिल भारतीय औसत भी पता चलेगा। अधिकारियों से कहा गया है कि बेस्ट परफार्मिंग स्कूलों की सूची तैयार करें। उत्तरकाशी सबसे पीछे बताया गया है। क्या कारण हैं? इस संबंध में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
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स्कूलों में शिक्षक और छात्र दोनों कम हो रहे, क्या करेंगी?
सारी स्थिति की जानकारी लेंगे। चीजें सुधारी जाएं तो सुधरती हैं। उम्मीद है कि शिक्षक बातों को और अच्छी तरह समझेंगें।

विद्यालयी शिक्षा में सुधार के लिए क्या करेंगीं?
जो कमियां होंगी उन्हें तो दूर किया ही जाएगा। इसके साथ ही अन्य राज्यों में भी शिक्षा पर कार्य हो रहा है। अन्य किसी राज्य ने अगर स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए कोई कार्यक्रम शुरू किया है तो उसे भी राज्य हित में अपनाया जाएगा जिससे स्कूलों का शैक्षिक स्तर और बेहतर हो सके।

शिक्षा कार्यक्रमों के नतीजे अच्छे नहीं हैं, सुधारने की कोई रणनीति?
शिक्षा कार्यक्रमों के संबंध में पहले पूरी जानकारी लू्ंगी। कहां क्या कमी है? यह देखा जाएगा। इसके बाद सुधारने के लिए रणनीति तय की जाएगी।

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