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सीएम रावत बोले, मैं ही हूं सियासी ड्रामे की वजह
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 01 Jun 2016 05:34 AM IST
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हरीश रावत
- फोटो : अमरउजाला
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कांग्रेस से राज्यसभा प्रत्याशी के नामांकन के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि पिछले दो दिनों में जो कुछ हुआ उसके लिए मैं खुद जिम्मेवार हूं। कहा कि प्रत्याशी घोषित करने की प्रक्रिया में पीडीएफ सहित अन्य सहयोगियों से आवश्यक परामर्श नहीं कर पाए। सीएम ने कहा कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि इस तरह की स्थिति पैदा न हो।
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मुख्यमंत्री ने विधानसभा स्थित अपने सभागार में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नीतिगत फैसले में परामर्श की कमी रही है। उन्हें इस मामले में पीडीएफ और अन्य सहयोगियों से बात करनी चाहिए थी, लेकिन पिछले दिनों जो कुछ हुआ इससे सरकार और मजबूत होकर उभरेगी।
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भाजपा पर साधा निशाना
राज्यसभा के लिए दो निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन पर सीएम ने भाजपा पर निशाना साधा। कहा कि राज्य की स्थापित परंपरा पर भाजपा ने चोट की है। संख्या बल नहीं होने के बावजूद भी निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतारे जाने से दल बदल कानून का कलंक और गहरा होगा। इससे भाजपा का दोहरा चरित्र भी सामने आया है।
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सार्वजनिक रूप से प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारने की बात करने वाली भाजपा ने गुपचुप तरीके से प्रत्याशी उतारे हैं। सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने संख्या बल की स्वस्थ परंपरा का पालन किया है। भाजपा के इस कदम से राज्यसभा की गरिमा गिरेगी।
प्रदेश को मिलेगा सक्रिय प्रतिनिधित्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा गरीब व कमजोर तबके की आवाज उठाते रहे हैं। उनके राज्यसभा में जाने से उत्तराखंड को सक्रिय प्रतिनिधित्व मिलेगा।
नियमित बजट लटका
हरीश रावत ने कहा कि केंद्र के गलत फैसले के चलते नियमित बजट लटक गया है। विकास कार्यों को पिछले दो सालों में जो गति मिली उस पर मार्च महीने से रोक लगी है। केंद्र से एससी, एसटी व ओबीसी के छात्रों की 197 करोड़ की छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। केंद्र पोषित एक हजार करोड़ रुपये की योजनाएं लंबित हैं। वही नेशनल ईको सर्विस सिस्टम में चार हजार करोड़ के योगदान के बावजूद प्रदेश को ग्रीन बोनस के रूप में कुछ नहीं मिला।