मलबा हटाने लगे लोग तो हाथों में आ गया नरकंकाल, देखते ही मच गया हड़कंप, इसके बाद...
केदारनाथ आपदा के चार साल बाद भी नरकंकाल मिलने का सिलसिला खत्म नहीं हुआ है। गौरीकुंड में फिर एक नर कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया। भारी बारिश के बीच मलबे में बहकर आए कंकाल को देखकर लोग दहशत में आ गए।
इसके बाद पुलिस ने डीएनए सैंपल लेने के बाद विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शासन, प्रशासन से मलबे की सफाइ की मांग की है। उन्होंने और कंकाल मिलने की संभावना जताई है।
बृहस्पतिवार को सुबह करीब 10 बजे बाजार में मंदाकिनी लॉज के समीप रास्ते से दस मीटर ऊपर हुए भूस्खलन से काफी मात्रा में मलबा गिरकर रास्ते में आ गया, जिस पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा के तो वे मलबे को हटाने लगे। तभी वहां मलबे में हड्डी जैसी कोई वस्तु दबी है।
डंडे के सहारे मबले को हटाया गया तो पाया कि वहां नर कंकाल के पूरे अवशेष मौजूद हैं। इस पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने कंकाल के अवशेषों को अपने कब्जे में लिया।
667 नर कंकाल मिल चुके अभी तक
चिकित्सकीय दल द्वारा डीएनए सैंपल लेने के बाद पुलिस टीम कंकाल के अवशेष लेकर सोनप्रयाग पहुंची। जहां विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। ग्राम प्रधान राकेश गोस्वामी, वन पंचायत सरपंच नरोत्तम गोस्वामी, व्यापार संघ अध्यक्ष कुलानंद गोस्वामी ने कहा कि जिस तरह से मलबे में कंकाल मिला है, उससे यह संभावना जताई है कि बस अड्डा क्षेत्र से तप्तकुंड के ऊपरी तरफ और नर कंकाल हो सकते हैं।
उन्होंने शासन, प्रशासन से गौरीकुंड में वृहद सफाई की मांग की। आपदा के बाद चले रेस्क्यू अभियानों के बाद गौरीकुंड में नर कंकाल का मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। इधर, पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने बताया कि मलबे में मिला नर कंकाल आपदा के दौरान का हो सकता है। जरूरी हुआ तो क्षेत्र रेस्क्यू किया जा सकता है।
16/17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद से अभी तक 667 नर कंकाल/कंकाल के अवशेष मिल चुके हैं। बीते वर्ष भी त्रियुगीनारायण-केदारनाथ ट्रेक पर 33 नर कंकाल मिले थे। जबकि इस वर्ष भी मई माह के दूसरे सप्ताह में रेस्क्यू दल को 7 कंकाल मिले थे।