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IPS खुराना केस में बड़ा खुलासा, आयोग ने नहीं दिया FIR का आदेश

Wed, 04 May 2016 12:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 04 May 2016 12:42 AM IST
सार

  • मामले पर मानवाधिकार आयोग ने जताई कड़ी नाराजगी, जारी किया नोटिस
  • प्रमुख सचिव गृह, एसएसपी ऊधमसिंह नगर, पूर्व डीजीपी सिद्धू से मांगा जवाब

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human right commission questioned in IPS kewal khurana case.
केवल खुराना - फोटो : AmarUjala

विस्तार

आईपीएस केवल खुराना के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग ने खुराना पर मुकदमा दर्ज करने जैसा कोई आदेश नहीं दिया था। प्रकरण आयोग में विचाराधीन होने के बावजूद मुकदमा दर्ज करने पर आयोग ने भी सख्त नाराजगी जताई है। आयोग ने इस पर प्रमुख सचिव गृह, एसएसपी ऊधमसिंह नगर और तत्कालीन डीजीपी बीएस सिद्धू को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।

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29 अप्रैल को आईपीएस खुराना के खिलाफ थाना दिनेशपुर (ऊधमसिंह नगर) में एसआई रजत कसाना ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। कसाना ने खुराना पर जिले में एसएसपी रहते हुए कई आरोप लगाए थे।
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शासन को सूचित किए बिना आईपीएस के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने पर राजभवन ने नाराजगी जताते हुए मामला सीबीसीआईडी को ट्रांसफर कर दिया था। उधर, आयोग में चल रहे मामले में मंगलवार को आईपीएस केवल खुराना और इसी मामले के एक अन्य शिकायतकर्ता सामाजिक न्याय कृति मंच के भूपेंद्र कुमार सुनवाई के दौरान उपस्थित हुए।

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आयोग के सामने खुराना ने रखा अपना पक्ष

human right commission questioned in IPS kewal khurana case.
पुलिस - फोटो : Bureau

आयोग ने इस बात पर हैरानी जताई कि उसने सुनवाई की अगली तिथि 17 मई तक मामले में रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन तत्कालीन डीजीपी ने इससे पहले ही मुकदमा दर्ज करा दिया। खुराना ने सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आयोग की इस रिपोर्ट को गलत तरीके से हथियार बनाते हुए उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।

आयोग ने मंगलवार को कहा कि आयोग ही मामले में मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश कर सकता है। लेकिन इस मामले में न तो आयोग ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए है और न ही प्रकरण को सीबीसीआईडी को ट्रांसफर करने को कहा है। आदेश की प्रति मौजूदा डीजीपी को भी भेजी गई है। मामले की सुनवाई आयोग के सदस्य जस्टिस राजेश टंडन और डॉ. हेमलता ढौंढियाल की बेंच कर रही है।

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