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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Housing eviction notice for uttarakhand Five former state chief ministers. .

उत्तराखंड के पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास खाली करने का नोटिस

Fri, 21 Oct 2016 08:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 21 Oct 2016 08:42 PM IST
सार

  • हाईकोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए जारी हुआ नोटिस 
  • हाईकोर्ट में आज है रुलक संस्था की याचिका पर सुनवाई

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Housing eviction notice for uttarakhand Five former state chief ministers.  .
Five former state chief ministers uttarakhand.

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए प्रदेश के पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास करने का नोटिस जारी किया गया है।

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नोटिस इसलिए जारी किया गया है कि बुधवार को इस मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई है और पिछली सुनवाई में कोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा था कि सरकारी आवास कब तक खाली हो जाएंगे? 
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अब प्रदेश सरकार की ओर से कोर्ट को अवगत कराया जाएगा कि पांचों पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास खाली करने का नोटिस जारी कर दिया गया है। 

ये पांच  पूर्व मुख्यमंत्री है सरकारी आवास पर काबिज
बता दें कि प्रदेश के पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों एनडी तिवारी, भगत सिंह कोश्यारी, बीसी खंडूड़ी, रमेश पोखरियाल निशंक और विजय बहुगुणा सरकारी आवास पर काबिज हैं। 
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पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते से वो सरकारी आवास में रह रहे हैं। रुलक संस्था के अवधेश कौशल ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास और अन्य सुविधाएं मिलने को लेकर 2010  नैनीताल हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। 

किराया वसूली के लिए अलग से दी जाएगी सूचना

Housing eviction notice for uttarakhand Five former state chief ministers.  .

हाईकोर्ट में अभी इस याचिका की सुनवाई चल रही है। इस बीच इस साल 1 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास खाली करने संबंधी आदेश दिया था। 

चूंकि उत्तराखंड में भी उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री निवास स्थान आवंटन नियमावली-1997 को लागू किया था। लिहाजा इस आदेश को उत्तराखंड के लिए जारी माना गया। 

हालांकि हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए राज्य संपत्ति विभाग ने  उत्तराखंड के पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों को दो माह के अंदर (16 दिसंबर-2016) आवास खाली करने नोटिस जारी कर दिया है।

नोटिस में कहा गया है कि आवंटित आवास के किराये को कैलकुलेट कर किराया वसूली के लिए अलग से सूचना दी जाएगी। 

किसको कहां मिला है आवास

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रमेश पोखरियाल निशंक - फोटो : file photo

एनडी तिवारी -  एफआरआई कैंपस, लेन नंबर-1, वृक्षगढ़ रोड, देहरादून। 
भगत सिंह कोश्यारी -  आवास संख्या 17, न्यू कैंट रोड, देहरादून। 
बीसी खंडूड़ी  -  आवास संख्या ए 01, यमुना कॉलोनी, देहरादून। 
रमेश पोखरियाल निशंक- आवास संख्या आर-04, यमुना कॉलोनी, देहरादून। 
विजय बहुगुणा  - ओल्ड बीजापुर हाउस, राज्य अतिथि गृह, बीजापुर, देहरादून। 

पूर्व मुख्यमंत्री पहले कह चुके हैं खाली कर देंगे आवास

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भगत सिंह कोश्यारी - फोटो : file photo

आवास के मामले को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल याचिका की सुनवाई के दौरान प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अपने वकील के मार्फत से यह कह चुके हैं कि वो आवास खाली कर देंगे। कोर्ट में उन्होंने इसके लिए कुछ माह की मोहलत दिए जाने की मांग की थी। 

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भगत सिंह कोश्यारी और रमेश पोखरियाल निशंक कह चुके हैं कि वो आवास खाली कर देंगे।

पूर्व मुख्यमंत्रियों से मार्केट रेट पर वसूला जाए किराया 
पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले रूलक संस्था के अवधेश कौशल का कहना है कि इस मामले में मुख्यमंत्री का फैसला अच्छा है। 
हरीश रावत भी आज नहीं तो कल पूर्व मुख्यमंत्री हो जाएंगे, लेकिन उन्होंने अपने लिए आवास की व्यवस्था करने के बारे में नहीं सोचा। 

उन्होंने कहा कि भले ही यह फैसला हाईकोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए फैसला लिया गया, फिर भी इसकी सराहना की जानी चाहिए। 

कौशल ने बताया कि हाईकोर्ट में बुधवार को होने वाली सुनवाई के दौरान उनके वकील कोर्ट के सामने यह बात रखेंगे कि पूर्व मुख्यमंत्रियों से मार्केट रेट पर किराया वसूला जाए।

कई सुविधाओं में पहले ही हो गई थी कटौती 

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विजय बहुगुणा - फोटो : file photo

प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को शेडो या गनर, एक पीए, 2 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, पीए के बदले 85 हजार तक ओएसडी, एक चौकीदार या टेलीफोन अटेंडेंट,  दो वाहन डीजल-पेट्रोल सहित मिलता था। 

लेकिन कुछ समय पहले हरिद्वार के भगवानपुर में हुई कैबिनेट की बैठक में इन सुविधाओं को वापस ले लिया गया था। इस वक्त पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास की सुविधा जारी रहने दी गई। 

यूपी की तरह यहां विधेयक आने की उम्मीद नहीं

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नारायण दत्त तिवारी - फोटो : file photo

यूपी की प्रदेश सरकार ने तो पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास की सुविधा बरकरार रखने के लिए विधानसभा में विधेयक पारित कर इसे कानूनी जामा पहना दिया है, लेकिन उत्तराखंड मेें इसकी उम्मीद नहीं है। क्योंकि पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों में से चार भाजपा से संबंधित हैं। 

एनडी तिवारी भले ही कांग्रेसी हैं, लेकिन उनके ताल्लुकात हरीश रावत से कभी बेहतर नहीं रहे। ऐसे में यूपी की तरह उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास की सुविधा बरकरार रखने वाला विधेयक आने की उम्मीद नहीं है। 

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