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उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र में बारिश का कहर जारी, पांच मकान और बहे, तीन लोग लापता

Thu, 05 Jul 2018 10:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुनस्यारी/धारचूला (पिथौरागढ़)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुनस्यारी/धारचूला (पिथौरागढ़) Updated Thu, 05 Jul 2018 10:19 AM IST
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house on uttarakhand border area swept from heavy rain
जैंती में नाले के उफान में एक घराट बह गया

पिथौरागढ़ जिले के सीमांत इलाकों में बारिश का कहर जारी है। धारचूला के गलाती में पांच मकान और मुनस्यारी के जैंती में नाले के उफान में एक घराट बह गया। घराट से पांच किलोवाट बिजली का उत्पादन होता था। मुनस्यारी में खतरे की जद में आए कई परिवारों को प्राइमरी स्कूलों और मंदिरों में शिफ्ट किया गया है।

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धारचूला के हिमखोला में तीन लोग के लापता हैं। इनके मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। धारचूला एसडीएम ने बताया कि लापता लोगों में छलमा-छिलासों निवासी राधा देवी (21) पत्नी मनी राम, प्रियंका  (15) पुत्री गोपाल राम, धार पांगू निवासी गजेन्द्र राम (35) पुत्र नंद राम शामिल हैं। एसडीआरएफ और पुलिस की टीम लापता लोगों की ढूंढखोज में लगी है। बृहस्पतिवार को धारचूला से एनडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू के लिए  भेजी जाएगी। 
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वहीं, नजंग के पास बौलायर धार में फंसे आदि कैलाश के चार और दो कैलाश यात्रियों समेत 50 लोग सुरक्षित धारचूला पहुंच गए हैं। उधर, मदकोट क्षेत्र के नारकी गांव के तीन परिवारों ने छातों के सहारे दो जुलाई की रात गाखुली के जंगल में बिताई। इनके मकान भूस्खलन से खतरे की जद में आ गए हैं। अगले दिन इन लोगों को वैगा प्राथमिक स्कूल ठहराया गया है। इस बीच, प्रशासन ने ऐसे कई परिवारों को अहेतुक राशि दी है जिनके मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नाचनी में दुलियाबगड़-रांया बजेता सड़क निर्माण के दौरान गोल गांव के एक मकान की छत पर पत्थर गिर गया।
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प्रदेश के वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने बुधवार को आपदा प्रभावित चौदांस क्षेत्र का हवाई दौरा कर बूंदी, हिमखोला क्षेत्र का जायजा लिया। कहा कि दारमा, व्यास, चौदांस क्षेत्र के रास्ते ठीक होने तक दो हेलीकॉप्टर धारचूला में रहेंगे। लोगों को गांवों से मुफ्त में लाया जाएगा। यदि लोग गांव जाएंगे तो उन्हें 2500 रुपये प्रति यात्री देने होंगे। 

राहत एवं बचाव के लिए वायु सेना के एमआई-17 हेलीकाप्टरों की मदद ली जाएगी

house on uttarakhand border area swept from heavy rain
mi 17
वहीं, बुधवार को पिथौरागढ़ पहुंचे कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला ने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव के लिए वायु सेना के एमआई-17 हेलीकाप्टरों की मदद ली लाएगी। वायु सेना की ओर से इसकी अनुमति मिल गई है। इन हेलीकॉप्टरों से अधिकारी भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाकर मॉनीटरिंग कर सकेंगे।

बता दें कि वर्तमान में पिथौरागढ़ में वायु सेना के चार एमआई-17 हेलीकाप्टर मौजूद हैं। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने आपदा प्रभावितों को राहत सामग्री बांटने के लिए 200 हेली ड्रापर पेटियां तैयार कर ली हैं। कपकोट (बागेश्वर) में पिछले दिनों हुई भारी बारिश से शरण-बघर सड़क पर कई जगह भारी मात्रा में मलबा भर गया है। गधेरों के तेज बहाव से एक-दो जगह सड़क बह गई है।इधर, अल्मोड़ा में बुधवार सुबह झमाझम बारिश के बाद मौसम बदल गया और दोपहर बाद धूप निकल आई। 

...और यहां एक बूंद नहीं बरसी
उत्तराखंड में मानसून आए एक हफ्ते से ज्यादा समय हो चुका है। एक तरफ समूचे उत्तराखंड में बारिश ने तबाही मचा रखी है वहीं गरुड़ के 106 गांवों के लोग बारिश के लिए आसमान पर टकटकी लगाए हैं। हर जुबां से यही सुनने को मिल रहा है कि आखिर गरुड़ और कौसानी में बारिश कब होगी। बारिश नहीं होने से जल स्रोतों में पानी कम हो गया है। नहरें सूख गई हैं। फसल सूखने की कगार पर है। बारिश के लिए कई गांवों के लोग कोट भ्रामरी मंदिर, बलिबुबु और नरसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना कर चुके हैं। 
 

बंद रहीं ये मुख्य सड़कें

house on uttarakhand border area swept from heavy rain
flood
थल-मुनस्यारी
तवाघाट-नारायण आश्रम
तवाघाट-मांगती-घटियाबगड़
मुनस्यारी-जौलजीबी
मुनस्यारी-डांडाधार
मुनस्यारी-जैंती
मुनस्यारी-मदकोट
मदकोट-जौलजीबी
मदकोट-बोना
धारचूला-खोतिला
तवाघाट-सोबला

कहां कितनी बारिश (एमएम) 
मुनस्यारी : 25 एमएम
अल्मोड़ा : 10.6 
डीडीहाट : 7.8 एमएम
धारचूला  : 6.6 एमएम

पहाड़ी के मलबे से ढही दीवार, महिला व बच्ची दबी 

house on uttarakhand border area swept from heavy rain
landslide - फोटो : amarujala
देहरादून में देर रात हुई तेज बारिश में एक मकान पर पहाड़ का मलबा आ गिरा। इससे मकान की दीवार ढह गई, जिसमें एक महिला व तीन साल की बच्ची दब गईं। मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने दोनों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। यहां दोनों का इलाज चल रहा है। मकान पर मलबा पास की पहाड़ी पर भूस्खलन से आया था। 


मामला रायपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार उत्तराखंड विहार निवासी सोनू मजदूरी करता है। वह यहां परिवार के साथ रहता है। सुबह सोनू तो काम पर चला गया, लेकिन घर पर उसकी पत्नी सीमा और उसके भाई की तीन वर्षीय बेटी निधि मौजूद थी। मंगलवार देर रात हुई बारिश के कारण सुबह करीब आठ बजे पहाड़ी का मलबा मकान पर आ गया। मलबे के दबाव से मकान की पिछली दीवार ढह गई, जिसमें सीमा और निधि दब गईं।

पड़ोसियों के शोर मचाने पर लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और लोगों की मदद से दोनों को बाहर निकाला।दोनों घायलों को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसएसआई रायपुर मनोज कुमार ने बताया कि इस इलाके के पास में पहाड़ी है, जिसमें बारिश के कारण भूस्खलन हुआ था। बारिश में यही मलबा मकान की पिछली दीवार से टकराया तो दीवार ढह गई।

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