एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी ने एमडी और एमएस की सीटें की आवंटित, फीस पर खिंची तलवारें
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प्रदेश में एमडी और एमएस की सीटें देर रात एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी ने आवंटित की गईं। हालांकि फीस के मामले में एचएनबी मेडिकल विवि और निजी मेडिकल कॉलेजों के बीच तलवारें खिंच गई हैं।
विवि का कहना है कि चूंकि अभी तक हाईकोर्ट ने इस मामले में कोई फैसला नहीं लिया है, इसलिए हाईकोर्ट के फैसले की प्रत्याशा में पुरानी फीस पर ही दाखिले किए जा रहे हैं जबकि निजी मेडिकल कॉलेेजों का कहना है कि हाईकोर्ट ने 11 जनवरी को शुल्क संबंधी जो फैसला किया था, उसी के अनुपालन में वह अपना शुल्क वसूलेंगे। ऐसे में आवंटित सीट पर दाखिला लेने जाने वाले छात्रों को परेशानी हो सकती है।
एचएनबी मेडिकल विवि के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने साफतौर पर आदेश किया हुआ है कि सभी विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रवेश एवं शुल्क निर्धारण समिति के तहत ही शुल्क ले सकते हैं। उत्तराखंड में वर्ष 2006 में समिति का गठन हुआ था, जिसके तहत शुल्क तय किया हुआ है।
आज तक एक भी मेडिकल कॉलेज ने रिव्यू समिति के सामने शुल्क रिव्यू का आवेदन नहीं किया है। हाईकोर्ट में मामला लंबित है लेकिन अभी तक हाईकोर्ट का कोई आदेश नहीं आया है। इसी आधार पर फिलहाल हाईकोर्ट का आदेश आने तक पुराना शुल्क ही वसूला जाएगा।
जबकि स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. विजय धस्माना का कहना है कि 11 जनवरी को हाईकोर्ट ने जो आदेश दिया था, उसके तहत ही छात्रों से एसआरएचयू द्वारा निर्धारित शुल्क लिया जाएगा। उधर, एसजीआरआर यूनिवर्सिटी ने भी शुल्क के मामले को लेकर शुक्रवार को अहम बैठक बुलाई है।
इन सबके बीच एचएनबी मेडिकल विवि ने देर रात्रि पीजी की सीटें आवंटित कर दीं। आवंटित सीटों पर 12 अप्रैल तक दाखिला लेना होगा। इसके बाद दूसरे चरण की काउंसिलिंग शुरू होगी। आशंका जताई जा रही है कि जिन छात्रों को सीट आवंटित होगी, उनके लिए शुल्क मुसीबत बनने वाला है।