जांच में HIV पॉजिटिव निकाल युवक, DMC ने दिए लैब को बंद कराने के निर्देश, जानें पूरा मामला
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दिल्ली की एक डायग्नोस्टिक लैब ने काशीपुर के एक स्वस्थ युवक को एचआईवी संक्रमित बता दिया। लैब की रिपोर्ट मिलने पर युवक के पैरों तले जमीन खिसक गई। गुड़गांव की एक प्रसिद्ध लैब समेत करीब एक दर्जन अस्पतालों में जांच कराए जाने पर युवक की रिपोर्ट एचआईवी निगेटिव निकली। पीड़ित ने दिल्ली के दरियागंज थाने को तहरीर भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
काशीपुर के एक युवक ने बताया कि वह मोटर मेकेनिक है। रोजगार के सिलसिले में दुबई का वीजा प्राप्त करने के लिए युवक को मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत थी। विदेश भेजने वाले एजेंट ने दिल्ली के तैमूरनगर (दरियागंज) साकेत स्थित न्यूटेक मेडिकल सेंटर ले जाकर उसका एचआईवी टेस्ट कराया। एक फरवरी 2017 को दी गई रिपोर्ट में उक्त युवक को एचआईवी पॉजिटिव बताया गया।
इससे परेशान युवक ने गुड़गांव के क्यूस्ट डायग्नोस्टिक सेंटर समेत उत्तराखंड और यूपी के करीब दर्जन भर अस्पतालों में अपना एचआईवी टेस्ट कराया। इन सभी लैबों से उसकी रिपोर्ट एचआईवी निगेटिव आई। इस पर युवक ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) से मामले की शिकायत की। एमसीआई ने प्रकरण जांच के लिए दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) को भेजा।
जिंदगी से हो गई थी नफरत
जांच के बाद डीएमसी ने दिल्ली के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय को पत्र लिखकर उक्त सेंटर बंद कराने के निर्देश दिए। बावजूद इसके डायग्नोस्टिक सेंटर अभी तक काम कर रहा है। युवक की ओर से दिल्ली के साकेत में उपभोक्ता फोरम में भी परिवाद दायर किया गया है। उधर, युवक ने साकेत (दिल्ली) के एसीपी को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। पत्र की प्रति यूएस नगर के एसएसपी को भी भेजी गई है।
जिंदगी से हो गई थी नफरत
युवक का कहना है कि टेस्ट रिपोर्ट में रिजल्ट पॉजिटिव आने पर उसे अपनी जिंदगी से नफरत हो गई थी। परिवार में माता-पिता के अलावा तीन भाई और दो बहने हैं। उसे यह भय सताने लगा था कि उसके कारण परिवार के अन्य सदस्यों को यह बीमारी न लग जाए। इसके कारण उसने आत्महत्या करने का इरादा कर लिया था।
इसी दौरान उसने पैथोलॉजिस्ट सतीश यादव से संपर्क किया। सतीश ने गुड़गांव की पैथोलॉजी के अलावा काशीपुर, जसपुर, रामनगर, हल्द्वानी, ठाकुरद्वारा समेत करीब दर्जन भर अस्पतालों में भी एचआईवी टेस्ट कराया। इन सभी की रिपोर्ट जब निगेटिव आई तो उसे राहत मिली।