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देखिए, हिंदू-मुस्लिम एकता की अनोखी मिसाल
ब्यूरो / अमर उजाला, रामनगर
Updated Sun, 25 Oct 2015 02:13 PM IST
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उत्तराखंड के रामनगर में आपसी सहमति से दोनों समुदायों के आयोजकों ने एक ही दिन मोहर्रम व रामलीला जुलूस निकला।
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शासन-प्रशासन ने पहले ही पायते वाली रामलीला के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल गुजर व मोहर्रम कमेटी के नगर अध्यक्ष मो. शमी उर्फ छम्मो से आपस में वार्ता कर जुलूस का समय व मार्ग तय कर लिया था। जिसे बाद में कोतवाली में हुई बैठक में अमलीजामा पहनाया गया।
जहां मोहर्रम शाम से खताड़ी व गुलरघट्टी के मोहल्लों में घूमता रहा वहीं राम दरबार का जुलूस शहर से होता हुआ मस्जिद, कोतवाली के आगे से होकर पुराने बैंक ऑफ बड़ौदा, नंदा लाइन को जाने तक भवानीगंज से आने वाले ताजिये पुराने बैंक ऑफ बड़ौदा के पास रुके रहे तो खताड़ी से आने वाले ताजिये नगरपालिका के पास रुके रहे।
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जिससे दोनों समुदायों के लोगों ने बड़े हर्षोल्लास से अपने-अपने कार्यक्रम को सफल बनाने के साथ ही कौमी एकता की भी मिशाल कायम की। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से शासन-प्रशासन भी मुस्तैद था।
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सीओ स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया इस मौके पर दो प्लाटून पीएससी, चोरगलिया के एसओ शांतिकुमार, मुक्तेश्वर के एसओ एनएन पंत, भीमताल के एसओ केआर पांडे अपनी फोर्स के साथ यहां पहुंचे।