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डाडा जलालपुर मामला: हिंदू महापंचायत पर रोक, छह गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हरकत में शासन

Tue, 26 Apr 2022 10:37 PM IST
प्रशांत कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की।
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की। Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 26 Apr 2022 10:37 PM IST
सार

गृह विभाग के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक ने भी आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। शासन और पुलिस महानिदेशक की ओर से हरिद्वार के जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान को मामले में आवश्यक एहतियात कदम उठाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

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Hindu Mahapanchayat Ban in Dada Jalalpur Section 144 applied instructions of Supreme Court
Hindu Mahapanchayat - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

थाना क्षेत्र के डाडा जलालपुर गांव में आयोजित हिंदू महापंचायत पर हरिद्वार जिला प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय और एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने प्रेस कांफ्रेस के जरिए यह जानकारी दी। धारा 144 (सीआरपीसी की) लगाकर पांच से ज्यादा लोगों के इकट्ठे होने को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है। 

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उधर, महापंचायत की तैयारी के लिए पहुंचे काली सेना के राज्य संयोजक स्वामी दिनेशांनद भारती और उनके छह समर्थकों को पुलिस ने मंगलवार शाम गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने महापंचायत के लिए लगाए गए टेंट को भी हटा दिया है। साथ ही ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर सामान को भी बाहर भिजवा दिया गया है। पांच किलोमीटर के दायरे में गश्त बढ़ाने के साथ ही आला अधिकारियों ने गांव में डेरा डाल दिया है।
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गौरतलब है कि 16 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान बवाल हो गया था। काली सेना ने पुलिस पर आरोप लगाया था कि उसने बवाल के सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। इसके विरोध में 27 अप्रैल को हिंदू महापंचायत करने का एलान किया था। इसी के तहत मंगलवार को दोपहर को ही सेना के राज्य संयोजक स्वामी दिनेशानंद भारती गांव के मंदिर परिसर में पहुंच गए थे और कमेटी के लोगों के साथ टेंट लगाना शुरू कर दिया था। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। मंगलवार शाम करीब छह बजे सीओ पंकज गैरोला भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और स्वामी दिनेशानंद भारती समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया। एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल, एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी, सीओ पंकज गैरोला ने गांव में डेरा डाल दिया है और पल-पल की खबर रखी जा रही है।

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गांव में निकाला गया फ्लैग मार्च
गांव में किसी भी प्रकार की गतिविधि को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी सख्ती के साथ जुटा है। मंगलवार को भारी पुलिस बल तैनात करने के साथ  ही पूरे गांव में फ्लैग मार्च किया गया। इस दौरान लोगों से कानून का पालन करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई। साथ ही अनाउंसमेंट कर क्षेत्र में धारा 144 लागू किए जाने की जानकारी दी जा रही है। 

न कोई अनुुमति दी और न ही कोई गतिविधि होने दी जाएगी
डाडा जलालपुर में हिंदू महापंचायत के एलान के मद्देनजर जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय और एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने प्रेसवार्ता कर बताया कि क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्देश जारी हुए हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की गतिविधि के लिए न तो कोई अनुमति दी गई है और न ही बिना अनुमति किसी प्रकार की गतिविधि की इजाजत दी जाएगी।
 

शांति व्यवस्था के मद्देनजर ही धारा 144 लागू

रुड़की तहसील में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए डीएम विनय शंकर पांडेय ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे कई प्रकरणों की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान एक अधिवक्ता की ओर से रुड़की के डाडा जलालपुर के संबंध में जानकारी दी गई थी कि यहां हिंदू महापंचायत में हेट स्पीच जैसी आशंकाएं हैं। इसका सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया और निर्देश दिए कि पुलिस प्रशासन अपने हिसाब से इस मामले को देखे। डीएम ने बताया कि शांति व्यवस्था के मद्देनजर ही धारा 144 लागू की गई है। शांति व्यवस्था के मद्देनजर ही 25 लोगों को शांतिभंग की धाराओं में निरुद्ध किया गया है। इस दौरान डीएम ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से पहले से ही यह सख्त संदेश दिया गया था कि डाडा जलालपुर में माहौल बिगाड़ने वाली किसी गतिविधि को नहीं होने दिया जाएगा। इससे पहले भी हरिद्वार में हेट स्पीच के मामले में गिरफ्तारियां की गई हैं। 


 

घटना में कार्रवाई भी हुई है और जांच भी चल रही
एससपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने कहा कि डाडा जलालपुर की घटना में कार्रवाई भी हुई है और बारीकी से जांच भी चल रही है। यदि कोई जांच या कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है तो उसके खिलाफ जाने के कई तरीके हैं। इसके लिए उच्च स्तर पर अपनी बात रखी जा सकती है। इसके बाद भी संतुष्ट नहीं होने पर न्यायालय में बात रखी जा सकती है लेकिन किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती। 

वीडियोग्राफी और ड्रोन से होगी निगरानी
एसएसपी डा. रावत ने बताया कि डाडा जलालपुर गांव में ड्रोन और वीडियोग्राफी से भी पूरे माहौल पर नजर रखी जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में 150 कांस्टेबल, 30 महिला कांस्टेबल, 65 सब इंस्पेक्टर और पांच डिप्टी एसपी की तैनाती की गई है। इसके अलावा पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात रहेगा।
 

तैयारियों में जुट रही काली सेना
हिंदू महापंचायत करने के लिए काली सेना के प्रदेश संयोजक और उनके समर्थक दिनभर तैयारियां करते रहे। प्रशासन ने भी सुबह से सख्ती बढ़ाने के लिए काफी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ पीएसी तैनात कर दी थी। 

मंगलवार सुबह से ही डाडा जलालपुर गांव में अचानक गतिविधियां बढ़नी शुरू हो गई हैं। मंदिर में साफ-सफाई और टेंट आदि लगाने का काम शुरू कर दिया गया था। वहीं काली सेना के प्रदेश संयोजक स्वामी दिनेशानंद भारती, दोपहर करीब एक बजे गांव पहुंच गए थे। इसके चलते पुलिस प्रशासन में भी हलचल शुरू हो गई है। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पीएसी के साथ ही पुलिस के जवान भी तैनात किए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पांच किलोमीटर के दायरे में धारा 144 भी लागू कर दी थी। गांव में बढ़ती गतिविधि को देख्ते हुए एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने भगवानपुर थाने में सीओ रुड़की विवेक कुमार, सीओ मंगलौर पंकज गैरोला, थानाध्यक्ष भगवानपुर अमरजीत सिंह के अलावा कलियार और झबरेड़ा के थानाध्यक्षों व पीएसी के जवानों के साथ बैठक की थी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हरकत में शासन
रुड़की में बुधवार को होने वाली महापंचायत पर सुप्रीम कोर्ट की हिदायत के बाद शासन हरकत में आ गया है। मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधू ने गृह विभाग को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सरकार नौ मई से पहले न्यायालय में हलफनामा दाखिल कर देगी। बुधवार को रुड़की में होने जा रहे महापंचायत पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को ताकीद किया कि भड़काऊ भाषण पर लगाम नहीं लगी तो उच्चाधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव को एक हलफनामा दायर कर यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि कार्यक्रम में कुछ गलत होने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद शासन भी हरकत में दिखाई दिया। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सचिव ने प्रकरण पर अपर मुख्य सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक से भी स्टेट्स रिपोर्ट तलब की। संपर्क करने पर मुख्य सचिव के कार्यालय से बताया गया कि उनकी ओर से गृह विभाग को मामले पर जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। 

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