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हिंदी हैं हमः उत्तराखंड बोर्ड में हिंदी में सर्वाधिक अंक लाने वाले विद्यार्थी बोले - हिंदी को आगे बढ़ाना हमारी भी जिम्मेदारी
Mon, 07 Sep 2020 02:52 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 07 Sep 2020 02:52 PM IST
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हिंदी हैं हम
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में हिंदी विषय में सर्वाधिक अंक हासिल करने वाले मेधावियों का कहना है कि हिंदी उनकी पहचान की भाषा है। वे सदैव हिंदी से जुड़े रहने के साथ ही उसके विकास और प्रचार-प्रचार के लिए काम करेंगे। उनका करियर क्षेत्र भले ही अलग-अलग हो, लेकिन मातृभाषा हिंदी हमेशा उनके साथ रहेगी। इसके लिए वह अन्य को भी प्रेरित करेंगे।
हाईस्कूल परीक्षा में हिंदी में 99 अंक प्राप्त करने वाली सरस्वती विद्या मंदिर ऊखीमठ की छात्रा ईशा रावत का कहना है कि हिंदी के विकास के लिए नई पीढ़ी को एकजुट होकर काम करना होगा। वे इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं, लेकिन हिंदी को बढ़ावा देने के लिए वे हमेशा तत्पर रहेंगी।
इंटरमीडिएट में हिंदी विषय में सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र हरिशंकर प्रसाद कहते हैं कि हिंदी के बिना हमारी पहचान नहीं हो सकती है। हिंदी में पढ़ना, लिखना सीखा है, लिहाजा इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी हमारी है।
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उनके माता-पिता दोनों अलग-अलग विषय के शिक्षक हैं, इसके बावजूद हिंदी के प्रति उनका लगाव अन्य विषयों से अधिक रहा है। छात्र रोशन पंवार का कहना है कि हिंदी को आगे बढ़ाने के लिए स्कूल स्तर पर ठोस प्रयास होने चाहिए। उच्च शिक्षा में भी साइंस, कॉमर्स और कला संवर्ग में हिंदी को अनिवार्य विषय करना चाहिए।
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हाईस्कूल परीक्षा में हिंदी में 99 अंक प्राप्त करने वाली सरस्वती विद्या मंदिर ऊखीमठ की छात्रा ईशा रावत का कहना है कि हिंदी के विकास के लिए नई पीढ़ी को एकजुट होकर काम करना होगा। वे इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं, लेकिन हिंदी को बढ़ावा देने के लिए वे हमेशा तत्पर रहेंगी।
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इंटरमीडिएट में हिंदी विषय में सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र हरिशंकर प्रसाद कहते हैं कि हिंदी के बिना हमारी पहचान नहीं हो सकती है। हिंदी में पढ़ना, लिखना सीखा है, लिहाजा इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी हमारी है।
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उनके माता-पिता दोनों अलग-अलग विषय के शिक्षक हैं, इसके बावजूद हिंदी के प्रति उनका लगाव अन्य विषयों से अधिक रहा है। छात्र रोशन पंवार का कहना है कि हिंदी को आगे बढ़ाने के लिए स्कूल स्तर पर ठोस प्रयास होने चाहिए। उच्च शिक्षा में भी साइंस, कॉमर्स और कला संवर्ग में हिंदी को अनिवार्य विषय करना चाहिए।
उत्तराखंड बोर्ड में जिले से हिंदी के टॉपर विद्यार्थी
हाईस्कूल
ईशा रावत
हिंदी विषय में 99 अंक प्राप्त किए
सरस्वती विद्या मंदिर ऊखीमठ
पिता का नाम : कुलदीप रावत
माता का नाम : लक्ष्मी देवी
ग्राम उथींड, पो. परकंडी
हाल निवास ऊखीमठ (रुद्रप्रयाग)
इंटरमीडिएट
01-रोशन पंवार
हिंदी विषय में 98 अंक प्राप्त किए
राजकीय आदर्श इंटर कॉलेेज ऊखीमठ
पिता का नाम उमेश सिंह पंवार
माता का नाम लक्ष्मी देवी
निवासी ऊखीमठ
02-हरिशंकर प्रसाद
हिंदी विषय में 98 अंक प्राप्त किए।
हिमालयन मॉंन्टेसरी पब्लिक स्कूल जखोली
पिता का नाम बसुधामा जनस्वान
माता का नाम मीना देवी
ग्राम व पो. मुन्नादेवल (बड़मा)
ईशा रावत
हिंदी विषय में 99 अंक प्राप्त किए
सरस्वती विद्या मंदिर ऊखीमठ
पिता का नाम : कुलदीप रावत
माता का नाम : लक्ष्मी देवी
ग्राम उथींड, पो. परकंडी
हाल निवास ऊखीमठ (रुद्रप्रयाग)
इंटरमीडिएट
01-रोशन पंवार
हिंदी विषय में 98 अंक प्राप्त किए
राजकीय आदर्श इंटर कॉलेेज ऊखीमठ
पिता का नाम उमेश सिंह पंवार
माता का नाम लक्ष्मी देवी
निवासी ऊखीमठ
02-हरिशंकर प्रसाद
हिंदी विषय में 98 अंक प्राप्त किए।
हिमालयन मॉंन्टेसरी पब्लिक स्कूल जखोली
पिता का नाम बसुधामा जनस्वान
माता का नाम मीना देवी
ग्राम व पो. मुन्नादेवल (बड़मा)