शिकारियों के लिए बिछा हाईटेक 'जाल'
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उत्तराखंड में शिकारियों पर लगाम कसने के लिए वन विभाग अब हाईटेक 'जाल' बिछाने की तैयारी में है। वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं में आ रही तेजी के मद्देनजर विभाग ने यह कदम उठाया है।
हाल ही में राजाजी और जिम कार्बेट नेशनल पार्कों के लिए चार मेटल डिटेक्टर भेजे गए हैं। ये डिटेक्टर सेंसर की मदद से जमीन के नीचे गहरे छिपाए गए फंदों को पकड़ने में सक्षम हैं।
प्रदेश के चीफ एंटी पोचिंग सेल डॉ. धनंजय मोहन ने बताया कि ट्रैफिक इंडिया संस्था के सहयोग से दोनों पार्कों में दो-दो मेटल डिटेक्टर भेजे गए हैं।
बताया कि आम मेटल डिटेक्टरों के मुकाबले ये डिटेक्टर अत्याधुनिक, बड़े और मजबूत सेंसरों से लेस हैं। खास बात यह है कि इनसे जमीन में चार फुट नीचे तक जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए लगाए जाल और क्लच वायर के फंदे आसानी से पकड़े जा सकते हैं।
यह है डिटेक्टर की खासियत
राजाजी राष्ट्रीय पार्क में तेजी से शिकार के मामले खुल रहे हैं, जबकि कार्बेट पार्क बाघ बहुतायत में पाए जाते हैं। ऐसे में यह पार्क शिकार के लिहाज से बेहद संवेदनशील है।
विभाग का कहना है कि ट्रायल बेस पर अगर यह प्रयास सफल रहा तो अन्य डिवीजन के लिए भी ऐसे मेटल डिटेक्टर लाए जाएंगे।
यह है खासियत
- डिटेक्टर में लगे स्ट्रांग सेंसर हर तरह की धातु को पहचान सकते हैं।
- पुराने डिटेक्टरों की तुलना में बेहद हल्का होने से जंगलों में ले जाना आसान।
- घनी झाड़ियों में छिपाए गए जाल, फंदे पकड़ता है, जहां वनकर्मी नहीं जा पाते।
पेट्रोलिंग तेज करने के निर्देश
वन महकमे ने प्रदेश की सभी डिवीजनों को सर्दियों में वन्यजीवों का शिकार रोकने की कार्रवाई करने के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी किए हैं।
डॉ. धनंजय ने बताया कि सर्दियों में जंगलों में पेट्रोलिंग कम होने की वजह से शिकारियों की घुसपैठ बढ़ जाती है। ऐसे में यह निर्देश दिए गए हैं।