हाई स्पीड फोर-जी नेटवर्क से लैस होंगे उत्तराखंड के चारधाम
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उत्तराखंड की चारधाम यात्रा अब हाई स्पीड फोर-जी इंटरनेट नेटवर्क से लैस और अधिक सुरक्षित रहेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन के तहत अब चारधाम राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ सीमेंटेट केबिल डक्ट भी डाली जाएगी, जिससे पूरे क्षेत्र में फोर जी इंटरनेट नेटवर्क चाक-चौबंद रहेगा।
अब आपदा, बर्फ बारी, भूस्खलन जैसी स्थिति में संचार व्यवस्था ध्वस्त नहीं होगी। कस्बे, गांवों भी फोर जी नेटवर्क से जुड़े रहेंगे। प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के 12 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में अब डिजिटल इंडिया के इस नए बिंदु को भी शामिल कर लिया गया है।
वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई आपदा के दौरान संचार व्यवस्था ध्वस्त होने से बचाव कार्य में बहुत दिक्कत आई थी। प्रदेश के दूरस्थ गांवों में संचार व्यवस्था न होने से विकास कार्य रुके पड़े हैं। कई जिलों और तहसीलों की शासन से वीडियो कॉंफ्रेंसिंग नहीं हो पाती है।
संचार कंपनियां इस तरह पहुंचाएगी नेटवर्क
हादसों की सूचनाएं शासन-प्रशासन तक समय से नहीं पहुंच पाती, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ दूर-संचार केबिल कवर डक्ट बनने से मुश्किलों से निजात मिल जाएगी। संचार कंपनियां अपनी केबिल इसी डक्ट के माध्यम से पूरे क्षेत्र में पहुंचाएंगीं। राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ यह डक्ट मजबूत लोहे के सरियों, स्टील स्क्रैप और सीमेंट से बनाई जाएगी।
तेज बारिश, पहाड़ से पत्थर गिरने, भूस्खलन, बर्फ बारी से डक्ट पर असर नहीं पड़ेगा। अगर डक्ट दरकेगी भी तो इसके अंदर की ऑप्टिकल फाइबर केबिल (ओएफसी) सुरक्षित रहेगी और संचार व्यवस्था बाधित नहीं होगी। बीच-बीच में डक्ट में कट दिया जाएगा और जंक्शन बॉक्स रहेगा जिससे कस्बों, गांवों को कनेक्शन दिया जा सके। केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने 900 किमी डक्ट के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली है।
हाई स्पीड फोर जी इंटरनेट नेटवर्क के लिए डक्ट डाली जाएगी। डिजिटल इंडिया मिशन के इस बिंदु को डीपीआर में शामिल कर लिया गया है। इसमें लगभग 25 लाख प्रति किमी के हिसाब से खर्च आएगा। इंटरनेट और संचार व्यवस्था बाधित नहीं होगी। साथ ही विकास कार्यों में भी आसानी रहेगी।
- पीके मौर्या, प्रोजेक्ट प्रभारी उत्तराखंड, केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय