स्वीमिंग पूल में डूबा 10वीं का छात्र, सामने थीं मां और बहन
- सहस्त्रधारा रोड स्थित टचवुड स्कूल में हुई अनहोनी
- हादसे के समय मां और बहन भी थी मौके पर मौजूद
- पुलिस जांच में जुटी ट्रेनर मौके पर था मौजूद या नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सहस्त्रधारा रोड स्थित टच वुड स्कूल के स्वीमिंग पूल में नहाते हुए हाईस्कूल के एक छात्र की मौत हो गई। अनहोनी के समय छात्र की मां और बहन मौके पर ही मौजूद थीं। इधर बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।
इस हादसे से कई तरह के सवाल खड़े हो गए है। पुलिस जांच में यह साफ हो पाएगा कि छात्र के स्वीमिंग करते समय ट्रेनर मौके पर मौजूद था या नहीं।
रायपुर थाना क्षेत्र के एकता विहार निवासी पवन अरोरा का बेटा सिद्धार्थ अरोरा (15) सहस्त्रधारा रोड स्थित टचवुड स्कूल में स्वीमिंग सीखने के लिए जाता था। बृहस्पतिवार शाम को सिद्धार्थ अपनी मां और बहन के साथ स्वीमिंग सीखने गया था।
पूल के बाहर बैठी थीं मां और बहन
सिद्धार्थ पानी में तैरने लगा, जबकि मां-बेटी बाहर मौजूद रहीं। इसी दौरान गहरे पानी की तरफ जाने के कारण छात्र के मुंह और नाक में पानी भर गया। सांस घुटने के कारण वह पानी के अंदर चला गया।
मां और बहन को जब वह स्वीमिंग पूल में नजर नहीं आया तो उन्होंने शोर मचाना शुरू किया। स्वीमिंग पूल में मौजूद अन्य युवकों ने उसे बाहर निकाला।
गंभीर हालत में उसे कोरोनेशन अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिजन सदमे में है। हालांकि परिजन किसी तरह की कार्रवाई नहीं चाहते थे। छात्र समर वैली स्कूल में हाईस्कूल का छात्र था।
अनहोनी की जांच के दिए आदेश
अनहोनी किन परिस्थितियों में हुई। स्वीमिंग करते हुए कोई ट्रेनर वहां मौजूद था या नहीं। इन तमाम पहलुओं पर पुलिस को जांच के आदेश दिए गए है।
-डॉ सदानंद दाते, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक।
समर कैंप संचालकों को चेताया
टचवुड स्कूल में स्वीमिंग करते हुए छात्र की मौत के बाद समर कैंप संचालकों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। एसएसपी ने बताया कि इन दिनों स्कूलों में समर कैंप चल रहे है।
भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए समर कैंप संचालकों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए है। पुलिस की तरफ से स्कूल संचालकों को नोटिस भेजा जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दिए जाने को कहा गया है।