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कमलेश्वर मंदिर दे संपत्ति का ब्योराः HC
ब्यूरो / अमर उजाला, नैनीताल
Updated Fri, 21 Nov 2014 09:45 AM IST
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नैनीताल हाईकोर्ट ने श्रीनगर (गढ़वाल) स्थित कमलेश्वर मंदिर में व्याप्त अव्यवस्थाओं एवं मंदिर की संपत्ति और चढ़ावे के दुरुपयोग के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद मंदिर समिति के अभिलेखों की जांच कर छह सप्ताह में रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश सरकार को दिए हैं।
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भू-माफियाओं ने बेची मंदिर की जमीन
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
श्रीनगर निवासी संतोष कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कमलेश्वर महादेव मंदिर श्रीनगर में अव्यवस्था व्याप्त हैं और मंदिर की सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग किया जा रहा है।
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जनहित याचिका में कहा गया था कि 1965 में मंदिर के पास लगभग 273 नाली जमीन थी, वर्तमान में 40 नाली शेष रह गई है। मंदिर ट्रस्टियों की ओर से भू-माफियाओं से मिलकर जमीन को उच्च दामों पर बेचा जा रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि मंदिर के चढ़ावे का कोई लेखा-जोखा नहीं है।
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मंदिर में बैकुंठ चतुदर्शी के मेले में ही चार लाख से अधिक की आय होती है। वर्ष भर में जो आय होती है उसका कोई हिसाब किताब नहीं है। इसलिए मंदिर की संपत्ति पर रिसीवर नियुक्ति किया जाएं।
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को आदेशित किया है कि मंदिर समिति के अभिलेखों की जांच कर शपथपत्र दाखिल करें कि मंदिर समिति के पास वर्तमान में कितनी संपत्ति है।