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ऋषिकेश में गंगा किनारे अतिक्रमण पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार समेत डीएम और एचआरडीए को नोटिस
Fri, 09 Aug 2019 08:27 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 09 Aug 2019 08:27 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : डेमो
हाईकोर्ट ने ऋषिकेश में गंगा नदी के किनारे किए गए अतिक्रमण मामले में सुनवाई के बाद जिलाधिकारी, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए), राज्य सरकार, एसडीएम और सिंचाई विभाग को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के अधिवक्ता हरिद्वार निवासी विवेक शुक्ला ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि ऋषिकेश में परमार्थ निकेतन स्वर्गाश्रम ने गंगा के किनारे और सिंचाई विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर व्यावसायिक भवन बनाया है।
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इसमें विवाह समारोह और पार्टियां कराई जा रही हैं। याचिका में कहा कि इनसे होने वाले कूड़े को गंगा नदी में डाला जा रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से इस पर रोक लगाए जाने की मांग की गई थी।
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पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जिलाधिकारी, हरिद्वार विकास प्राधिकरण, राज्य सरकार, एसडीएम और सिंचाई विभाग को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।