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10 अगस्त से दोपहिया वाहनों पर पिछली सवारी के लिए भी हेलमेट अनिवार्य, बच्चों को भी नहीं छूट

Mon, 30 Jul 2018 09:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 30 Jul 2018 09:19 AM IST
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Helmets is compulsory for the last ride on two-wheelers
Helmets is compulsory
प्रदेश में दोपहिया वाहनों पर पिछली सवारी को भी अब हेलमेट पहनना होगा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद आगामी 10 अगस्त से यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में अनिवार्य रूप से लागू कर दी जाएगी। 
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इसके बाद नियम का उल्लंघन करने पर पुलिस विशेष अभियान चलाकर वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। इस व्यवस्था के तहत पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी छूट नहीं दी जाएगी। हाल ही में नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश में दोपहिया वाहनों की दुर्घटनाओं को देखते हुए सख्त रुख अपनाया था। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को दोपहिया वाहनों पर पिछली सवारियों के लिए भी हेलमेट अनिवार्य करने के आदेश दिए थे। 
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प्रदेश में अब यह व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। यातायात निदेशक केवल खुराना ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए आगामी 10 अगस्त से प्रदेशभर में यह व्यवस्था लागू की जा रही है। आदेशानुसार, दोपहिया वाहन पर पिछली सवारी यदि पांच साल से कम का बच्चा है तो उसे ही हेलमेट से छूट दी जाएगी।
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इन नियमों के तहत हो रही व्यवस्था 

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court
यदि उसकी उम्र पांच साल से ज्यादा है तो उसे भी हेलमेट पहनना जरूरी होगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों के पुलिस प्रभारियों को इस आदेश का पालन कराने संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। फिलहाल सीपीयू, ट्रैफिक पुलिस और थाना पुलिस इस संबंध में जागरुकता अभियान चलाएंगी ताकि इस व्यवस्था के प्रति लोगों को बताया जा सके।

नौ अगस्त को शिवरात्रि के बाद कांवड़ मेला लगभग समाप्त हो जाएगा। इसके बाद प्रदेशभर में अभियान चलाकर इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी।  दो साल पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार प्रदेश में सड़क सुरक्षा समिति का गठन किया गया था।

इसके तहत मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 129 के तहत सभी दोपहिया वाहनों पर पिछली सवारी के लिए भी हेलमेट जरूरी किया गया है। इस धारा के तहत दोपहिया वाहन पर प्रत्येक सवारी को प्रोटेक्टिव हेडगियर यानी हेलमेट अनिवार्य है। यह नियम पगड़ी बांधने वाले सिखों पर लागू नहीं होता है। इसके उल्लंघन पर 100 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। 

 

हर साल होती हैं 60 से अधिक मौतें 

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हादसा
प्रदेशभर में हर साल 220 से ज्यादा दोपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। इनमें से लगभग 120 दुर्घटनाएं घातक होती हैं, जिनमें मौत और गंभीर रूप से घायल होने के मामले सामने आते हैं। कुल दुर्घटनाओं में हर वर्ष लगभग 60 लोगों की मौत हो जाती है। इनमें पिछली सवारियां भी शामिल होती हैं। दुर्घटनाओं के इसी आंकड़े को कम करने के लिए पिछली सवारी के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जा रहा है। 

2014 में दबाव के चलते बैकफुट पर आई थी सरकार 
यह पहला मौका नहीं है जब प्रदेश में दोपहिया पर पिछली सवारी के लिए हेलमेट जरूरी किया जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2014 में भी पिछली सवारी के लिए हेलमेट की व्यवस्था लागू की गई थी। हालांकि, तीन दिनों के भीतर ही सरकार को इस पर कदम वापस खींचने पड़े थे।

आदेश के तत्काल बाद ही प्रदेशभर में विरोध के स्वर गूंजने लगे थे। आम नागरिकों से लेकर राजनीतिक दल, कई संगठन भी इस व्यवस्था की खिलाफत करने लगे थे। बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच आखिरकार यह व्यवस्था तीन दिनों के भीतर ही ध्वस्त हो गई।
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