धारचूला पहुंचे कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री, डीएम ने मार्ग से बर्फ हटाने को आईटीबीपी से मांगी मदद
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कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर अब भी भारी मात्रा में बर्फ जमी है। बर्फ हटाने के लिए डीएम ने आईटीबीपी के अधिकारियों को पत्र लिखकर मदद मांगी है, साथ ही लोनिवि ने जिला प्रशासन के आदेश पर 40 मजदूर भेज दिए हैं। धारचूला के उपजिलाधिकारी भी लिपुलेख के लिए रवाना हो गए हैं। इधर, कैलाश मानसरोवर यात्रियों का अल्मोड़ा से डीडीहाट पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया।
आईटीबीपी सातवीं मिर्थी में बल के डीआईजी एपीएस निंबाडिया और कमांडेंट महेंद्र प्रताप ने यात्रियों का फूलमाला पहना कर स्वागत किया। इस दौरान यात्री छलिया नृत्य पर जमकर थिरके। बाद में दल पहले आधार शिविर धारचूला रवाना हो गया और देर शाम दल के धारचूला पहुंचने की सूचना है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर भारी बर्फ जमा है, सबसे ज्यादा बर्फ लिपुलेख में बताई जा रही है। कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला दल बेस कैंप धारचूला पहुंच गया है। यह दल शुक्रवार को अगले पड़ाव के लिए रवाना हो जाएगा।
मार्ग में जमी बर्फ के कारण कैलाश यात्रियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसके लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर धारचूला के एसडीएम वरुण अग्रवाल लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता और 40 मजदूरों के साथ लिपुलेख के लिए रवाना हो गए हैं।
यह मजदूर वहां पहुंचते ही बर्फ हटाने में जुट जाएंगे। इधर जिलाधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे ने भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल को भी पत्र लिखकर बर्फ हटाने के लिए मदद मांगी है। उधर, कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पहला जत्था बृहस्पतिवार सुबह अल्मोड़ा से बम-बम भोले के जयकारे के साथ अगले पड़ाव धारचूला को रवाना हो गया। दल में उत्तराखंड के पांच यात्री भी शामिल हैं।
यात्रियों को दी उच्च हिमालयी क्षेत्र की जानकारी
आईटीबीपी मिर्थी के सभागार में यात्रियों को डीआईजी एपीएस निंबाडिया और कमांडेट महेंद्र प्रताप ने उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी आने वाली दिक्कतों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने गुंजी और वहां से नाभीढांग के मौसम में होने वाले बदलाव के बारे में बताते हुए सावधानी बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि गुंजी मेडिकल कैंप में स्वास्थ्य चेकअप किया जाएगा। इससे पहले डीडीहाट पहुंचे यात्रियों का स्वागत छलिया नर्तकों ने किया। इस दौरान कई यात्रियों ने भी नृत्य किया। यात्रियों ने स्थानीय शिव मंदिर में भी शीश नवाया। यात्रा के पहले दल में 49 पुरुष और नौ महिला यात्री शामिल हैं।