उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर, एक की मौत
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उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के पहाड़ी इलाकों में सोमवार से हो रही लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कें बंद होने के कई जगहों पर राशन की सप्लाई बंद हो गई है।
पिथौरागढ़ जिले में बारिश के चलते पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने परिवार के साथ बूंदी से धारचूला लौट रहे एक बच्चे की मौत हो गई। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर तवाघाट-सोबला सड़क का 20 मीटर हिस्सा बह गया है।
इसके चलते कैलास मानसरोवर यात्रा पर जा रहे पांचवें दल के शेड्यूल में बदलाव कर उन्हें नारायण आश्रम के स्थान पर पांगला-मांगती होते हुए गाला पड़ाव भेजना पड़ा। सड़क बंद होने से लगातार दो दलों के लिए ऐसी व्यवस्था करनी पड़ी है।
भारी बारिश से कुमाऊं भर में कई जिलों की आंतरिक सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं।
बारिश से रास्ते हुए खतरनाक
चंपावत जिले में 11 मोटर मार्ग मलबा आने से पूरी तरह से बंद हो गए हैं। भिंगराड़ा में माधवानंद भट्ट का पक्का मकान जमींदोज हो गया। पीड़ित परिवार ने दूसरे लोगों के यहां शरण ली हुई है। चंपावत जिला आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार अगले 24 घंटों में जिले में भारी बरसात की संभावना है।
बागेश्वर की कत्यूर घाटी में मलबा आने से आधा दर्जन से अधिक मोटर मार्ग और नैनीताल जिले में भी आठ आंतरिक सड़के बंद हो गई हैं। गौला, नंधौर समेत कई नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। नैनीताल जिले में शाम छह बजे तक 60 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
अभी बारिश का क्रम जारी है। अल्मोड़ा जिले में भिकियासैंण तहसील में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। मार-भीताकोट-सल्ट, पारकोट-जाख-बैनाली सड़क बंद हो गई है। जबकि मोतियापाथर में उफनाए नाले में दो मवेशी बह गए। यहां 15 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
थल-मुनस्यारी सड़क पर कई दिनों बाद मंगलवार को डेढ़ घंटे के लिए बड़े वाहनों की आवाजाही हो पाई। यहां सोमवार से हरड़िया नाले के दोनों ओर करीब 15 बड़े वाहन फंसे थे। छोटे वाहनों के लिए भी सड़क थोड़ी देर खुलती है, फिर बंद हो जाती है। उधर, मुनस्यारी से मिलम जाने वाला पैदल रास्ता कई स्थानों पर टूट गया है।