उत्तराखंडः चारधाम यात्रा रुकी, राज्य सरकार ने मांगी मदद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। पिछले दो दिनों में भूस्खलन और बादल फटने की अलग-अलग घटनाओं में अब तक 32 लोगों के मारे जाने की खबर है।
बारिश के कारण गढ़वाल मंडल के कई इलाके मुख्य रास्तों से टूट चुके हैं।
फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए राज्य सरकार ने वायुसेना से मदद मांगी है। राज्य सरकार ने वायुसेना से और हेलीकॉप्टर मांगे हैं जिससे फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
चारधाम यात्रा बंद
देवप्रयाग में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग दो स्थानों पर बह जाने के कारण बदरीनाथ यात्रा रोक दी गई है। इसके अलावा केदारनाथ की भी यात्रा रोक दी गई।
धर्मपुर गांव के नीचे राजमार्ग का 50 मीटर हिस्सा अलकनंदा में समा गया है। गांव के सभी परिवारों ने छोड़ा घर।
उधर चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे टैय्या पुल, बलदौड़ा, और लमबगड़, पागलनाला में बंद। शुक्रवार को ट्रैवल व्यवसायी की पत्नी बिरलाघाट पर गंगा में बह गई उसका अभी तक नहीं लगा सुराग।
जल विद्युत परियोजनाएं पूरी तरह से ठप
भारी बारिश से जल विद्युत परियोजनाएं पूरी तरह से ठप हो गई हैं। इस कारण प्रदेश में बिजली संकट गहरा सकता है।
टिहरी बांध की झील का जलस्तर आरएल 810.30 मीटर तक पहुंचा गया है। टीहरी झील से 560 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। आम तौर इन दिनों छोड़ा जा रहा था 533 क्यूमेक्स पानी।
पौड़ी जिले में भारी नुकसान
उत्तराखंड में दो दिन से भारी बारिश से हुए भूस्खलन से पौड़ी जिले में भारी नुकसान हुआ है। इस भूस्खलन से 15 की मौत (शव मिले) जबकि आठ लोग नदी नालों में बह गए हैं और दो लोग अब भी मलबे में दबे हुए।
ऐसा माना जा रहा है कि नालों में बहे लोग और मलबे में दबे लोगों के बचने की संभावना बहुत कम है। इस तरह इस दुर्घटना केवल पौड़ी जिले में 25 लोगों को मरने की आशंका है।