उत्तराखंड रोडवेज की दो बसों को हरियाणा ने बनाया बंधक
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पांच दिन पहले देहरादून से हरियाणा जा रही ग्रामीण डिपो की दो बसें अंबाला में वहां के एआरटीओ ने सीज कर दी। जब निगम के बाबू उन्हें छुड़ाने को गए तो उनसे प्रति गाड़ी 21.50 लाख रुपये जमा कराने की बात कही गई।
इस पर वे वापस लौट आए। इस संवेदनशील मामले पर उच्चाधिकारियों के कानों पर अब तक जूं तक नहीं रेंगी है। जबकि निगम के अधिकारी जल्द ही मामले को सुलझाने की बात कह रहे हैं।
आईएसबीटी से ग्रामीण डिपो की दो बसें यूके 07पी 1068 और यूके 07पी 1071 दस जनवरी को सुबह साढ़े नौ और साढ़े दस बजे हरियाणा के लिए रवाना हुई थी, जिन्हें अंबाला में एआरटीओ से चेकिंग के दौरान सीज कर दिया।
प्रति गाड़ी मांग रहे 21.50 लाख रु. जुर्माना
इस संबंध में पहले प्रति गाड़ी 22 हजार रुपये जुर्माना भरने को कहा गया, लेकिन जब परिवहन निगम के बाबू 44 हजार रुपये लेकर अंबाला पहुंचे तो एआरटीओ ने प्रति गाड़ी 22.50 लाख रुपये जमा करने की बात कही। इस पर वे बैरंग लौट आए।
इनका है कहना
हरियाणा के एआरटीओ को ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि दोनों प्रदेश में आपसी समझौते के आधार पर ही बसें संचालित होती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इस संबंध में तत्परता दिखानी चाहिए।
-अनिल गुप्ता, उपाध्यक्ष, परिवहन निगम
मामले को लेकर उच्च स्तरीय अधिकारियों की बात चल रही है। जल्द ही कुछ निर्णय निकलेगा।
-दीपक जैन, जीएम संचालन