रुड़की: हुआ था 'अपहरण', लेकिन प्रधान को बेटे समेत उठाकर ले गई हरियाणा पुलिस, पढ़ें पूरा मामला
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बेटे समेत रहीमपुर के ग्राम प्रधान को उठाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। करनाल के कारोबारी का अपहरण कर फिरौती मांगने के केस में हरियाणा पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर साथ ले गई है। प्रधान और दोनों बेटों पर कारोबारी का अपहरण कर पांच लाख फिरौती मांगने का मुकदमा दर्ज है। वहीं, प्रधान और बेटे का अपहरण न होने की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस ने राहत की सांस ली है।
बुधवार देर शाम अब्दुल रहीमपुर के ग्राम प्रधान जसवीर सिंह बेटे विपिन के साथ अपनी स्कॉर्पियो में तेल भरवाने गोवर्धनपुर के पेट्रोल पंप पर आए थे। पेट्रोल पंप के पास हरियाणा नंबर के दो वाहनों से आए हथियारबंद लोगों ने गाड़ी रोककर उन्हें अपनी गाड़ी में बैठा लिया और वहां से चले गए थे। पेट्रोल पंप पर तैनात कर्मचारियों ने पुलिस को फोन कर प्रधान के अपहरण की सूचना दी थी।
क्षेत्र में ग्राम प्रधान और बेटे की अपहरण की सूचना जंगल में आग की तरह फैल गई थी। गोवर्धनपुर चौकी प्रभारी अरविंद रतूड़ी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे और पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली थी। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि पानीपत निवासी कारोबारी प्रवीण मित्तल ने पिछले साल 11 दिसंबर को करनाल में प्रधान जसवीर सिंह और उनके दोनों बेटे विपिन व अतुल के खिलाफ अपहरण कर पांच लाख की फिरौती मांगने समेत 61 लाख की धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया था।
...तो स्थानी पुलिस को साथ लिए बिना हुई कार्रवाई
आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान ने धान की आपूर्ति करने के लिए 61 लाख रुपये लिए थे, लेकिन धान उनकी फर्म में नहीं भेजा। उन्होंने रकम वापस करने का दबाव बनाया तो तीनों बाप बेटों ने उनका अपहरण कर लिया था। साथ ही दो दिन तक अपने घर में बंधक बनाने के बाद परिवार से पांच लाख की फिरौती मांगी थी। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया था। गोवर्धनपुर पुलिस चौकी प्रभारी अरविंद रतूड़ी ने बताया कि हरियाणा पुलिस प्रधान और उनके बेटे को गिरफ्तार कर ले गई है।
ग्राम प्रधान और उनके दो बेटों पर अपहरण कर फिरौती मांगने समेत 61 लाख की धोखाधड़ी के मामले में करनाल में केस दर्ज होने का अभी तक ग्रामीणों को विश्वास नहीं हो रहा है। ग्रामीणों की मानें तो ग्राम प्रधान सरल स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में वह इतनी बड़ी वारदात को कैसे अंजाम दे सकते हैं। साथ ही यह भी चर्चा है कि हरियाणा के कारोबारी को जब रहीमपुर में बंधक बनाया गया था तो इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से क्यों नहीं की गई थी। चर्चा है कि हरियाणा पुलिस ने स्थानीय पुलिस को बिना साथ लिए यह कार्रवाई की है। अगर ग्रामीण टीम को घेर लेते तो बड़ी घटना हो सकती थी।