सरकार के फैसले के खिलाफ उपवास करेंगे पूर्व सीएम हरीश रावत
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प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एपीएल का गेहूं और चावल के दाम बढ़ाने के कैबिनेट के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इसे जनविरोधी कदम करार देते हुए इसके विरोध में उपवास करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वह एक मई को गांधी पार्क में सांकेतिक उपवास करेंगे।
बता दें कि बुधवार को कैबिनेट की बैठक में राज्य खाद्य योजना को मंजूरी दी गई। योजना के तहत 11 लाख एपीएल कार्डधारकों को बढ़े हुए दाम पर गेहूं और चावल दिया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कैबिनेट के इस फैसले का विरोध किया है। बकौल रावत, उनकी सरकार में यह फ्लैगशिप योजना थी। योजना के तहत राज्य के लोगों को राहत दी गई थी।
सबसे सस्ता गेहूं व चावल देने वाला राज्य उत्तराखंड
उत्तराखंड देश का सबसे सस्ता गेहूं व चावल देने वाला राज्य हो गया था। मगर भाजपा सरकार ने एपीएल कोटे गेहूं के दाम चार रुपये से बढ़ाकर 8.50 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया। जो चावल नौ रुपये किग्रा के हिसाब दिया जा रहा था, उसे 10 किग्रा से घटाकर ढाई किग्रा कर दिया गया और दाम बढ़ाकर 15 रुपये प्रति किग्रा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से राज्य के लोगों पर औसतन 250 से 300 रुपये का बोझ बढ़ेगा।
राष्ट्रीय खाद्य योजना से इतर इसमें यदि एलपीजी की बढ़ी हुई कीमतों को जोड़ दें और औसतन तीन सिलेंडर प्रतिमाह का खर्च जोड़ दें तो ये बढ़कर 1000 रुपये हो जाएगा। बिजली और पानी के दाम सरकार पहले ही बढ़ा चुकी है। सरकार का ये निर्णय जनविरोधी है, इसलिए वह सांकेतिक विरोध के तौर पर गांधी पार्क में सुबह 10 बजे से उपवास करेंगे।