हरीश रावत ने सीएम त्रिवेंद्र सरकार की हर एंगल से की खिंचाई
पूर्व सीएम हरीश रावत ने रविवार को गैरसैंण में सत्र से लेकर तमाम एंगल से त्रिवेंद्र सरकार की खिंचाई की। उन्होंने गन्ना किसानों को भुगतान से लेकर एनएच-74 प्रकरण तक को छुआ और सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की।
उन्होंने गैरसैंण में सत्र आयोजित न करने के विरोध में आठ जून को एक घंटे के सांकेतिक धरने का एलान किया है। रावत ने अपनी सरकार के जमाने में शुरू की गई दुग्ध बोनस योजना में फेरबदल के प्रयासों पर सरकार को चेतावनी दी है।
उन्होंने 65 साल से ऊपर के लोगों को रोडवेज बसों में फ्री यात्रा सुविधा खत्म करने और 50 फीसदी चार्ज लेने की आलोचना भी की है।
जानिए, किस मुद्दे पर क्या कहा हरीश रावत ने
गैरसैंण:
-बीजेपी सरकार ने विधानसभा और गैरसैणियत दोनों का अपमान किया है। मैं आठ जून को बजट सत्र के पहले दिन 10 से 11 बजे तक एक घंटे विधानसभा गेट पर धरना दूंगा।
एनएच 74 प्रकरण:
-ये कैसा जीरो टॉलरेंस है। एक हाथ से ताली नहीं बजती। नेशनल हाईवे अथारिटी के अफसर कैसे जांच के दायरे से बाहर रह सकते हैं। सरकार को स्थिति जल्द से जल्द साफ करनी चाहिए।
गन्ना भुगतान:
-बीजेपी ने घोषणापत्र में कहा था कि 15 दिन में गन्ना किसानों का भुगतान हो जाएगा। 350 करोड़ का भुगतान होना है। अब तो नया गन्ना पकने लगा है। आखिर भुगतान कब तक होगा।
लोकायुक्त:
-लोकायुक्त के लिए बनाई गई प्रवर समिति को ये भी देखना चाहिए कि सीएम को लेकर स्थिति साफ हो। तकनीकी तौर पर सीएम दायरे में हैं भी और नहीं भी। सीएम पर भी सारे प्राविधान लागू होने चाहिए।
त्रिवेंद्र को एक साल का वक्त
पूर्व सीएम हरीश रावत भले ही राज्य सरकार पर हमलावर हों, लेकिन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यों का मूल्यांकन एक साल में करने के पक्षधर हैं। रावत ने कहा कि किसी भी सीएम के कार्यों का मूल्यांकन एक साल से पहले नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की करप्शन पर जीरो टॉलरेंस नीति की सच्चाई पर वह हैलो जीरो टॉलरेंस सीरीज शुरू करेंगे।
वहीं,बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा है कि हरीश रावत धरने का नाटक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने और वहां तैयारियां पूरी कर सत्र आयोजित करने के लिए वचनबद्घ है।
उन्होंने कहा कि हरीश रावत सरकार ने गैरसैंण के नाम पर लोगों का भावनात्मक उत्पीड़न करने का काम किया है। एनएच-74 से जुडे़ मामले पर अजय भट्ट ने एक बार फिर कहा है कि लोगों को धैर्य रखना चाहिए। बीजेपी की जीरो टॉलरेंस नीति है। इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा।